उन्नाव जिले में बीते सोमवार को एसपी कार्यालय में खुद को आग लगाने वाली हसनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी दुष्कर्म पीड़िता की शनिवार देर शाम कानपुर के हैलट मेें इलाज के दौरान मौत हो गई। शनिवार दोपहर अचानक उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे वेंटीलेटर पर रखा था। लेकिन कोशिशों के बाद भी डाक्टर उसे नहीं बचा पाए।
हसनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 23 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता 16 दिसंबर को सुबह 11 बजे पिपिया में पेट्रोल लेकर एसपी कार्यालय पहुंची और खुद को आग लगा ली। गंभीर हालत में पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां से कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया था।
तब से उसका वहीं इलाज चल रहा था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी अवधेश सिंह उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था अगले दिन जेल भेेज दिया था। शनिवार देर शाम जैसे ही डाक्टरों ने मौत होने की पुष्टि की, तीमारदारी कर रहे परिजन बदहवास हो गए। मां बेसुध हो गिर गई। मौत की सूचना मिलते ही हसनगंज पुलिस भी हरकत में आ गई और रात में ही हैलट पहुंच गई।
विज्ञापन
2 of 6
हसनगंज दुष्कर्म पीड़िता की मौत
- फोटो : अमर उजाला
शारीरिक शोषण के बाद आरोपी ने किया था शादी से इनकार
दुष्कर्म पीड़िता के माता-पिता का आरोप है कि उसके घर से 300 मीटर दूर पर रहने वाला अवधेश सिंह कई साल से बेटी को शादी का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण कर रहा था। 20 सितंबर 2019 को उसने शादी से इनकार कर दिया। जिस पर बेटी ने 2 अक्तूबर 2019 को अवधेश सिंह पर दुष्कर्म और परिवार के तीन अन्य लोगों पर जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस से मिली छूट पर आरोपी पहले हाईकोर्ट से गिरफ्तारी स्टे ले आए फिर 28 नवंबर को उन्हें अग्रिम जमानत भी हासिल कर ली।
विज्ञापन
3 of 6
हसनगंज दुष्कर्म पीड़िता की मौत
- फोटो : अमर उजाला
आरोपी के मिठाई बांटने से थी आहत
मृत दुष्कर्म पीड़िता की मां का आरोप है कि अग्रिम जमानत मिलने के बाद 14 दिसंबर शनिवार को आरोपियों ने मिठाई बांटकर मोहल्ले में खुशी मनाई और उसकी बेटी समेत पूरे परिवार को कुछ न कर पाने की बात कह कर तंज कसा था। इसी से आहत हो बेटी ने एसपी कार्यालय पहुंचकर खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली।
4 of 6
हसनगंज दुष्कर्म पीड़िता की मौत
- फोटो : अमर उजाला
दुष्कर्म पीड़िता के आग लगाने के बाद हुई आरोपी की गिरफ्तारी
16 दिसंबर को दुष्कर्म पीड़िता के एसपी कार्यालय में आग लगा लेने के बाद पुलिस ने आरोपी अवधेश सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया और अगले ही दिन जेल भेज दिया।
विज्ञापन
5 of 6
हसनगंज दुष्कर्म पीड़िता की मौत
- फोटो : अमर उजाला
अजगैन के नवई गांव स्थित पंप से खरीदा था पेट्रोल
पुलिस की जांच में सामने आया है कि 16 दिसंबर को घर से दुष्कर्म पीड़िता खाली हाथ निकली। उसने अजगैन के नवई गांव स्थित पेट्रोल पंप से पिपिया में पेट्रोल खरीदा और एसपी कार्यालय पहुंचकर आग लगा ली। पंप पर लगे सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता के पेट्रोल लेने की बात सामने आने के बाद भी पुलिस ने पंप मालिक पर कोई कार्रवाई नहीं की। वह भी तब जब शासन ने बोतल, पिपिया में पंप मालिकों को पेट्रोल देने पर रोक लगा रखी है।
यह रहा घटनाक्रम
- सितंबर माह में पीड़िता ने गांव के अवधेश सिंह पर शादी का झांसा देकर कई साल से शारीरिक शोषण का आरोप लगाया।
- 2 अक्तूूबर को पुलिस ने अवेधश पर दुष्कर्म व परिवार के तीन अन्य लोगों पर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की।
- 17 अक्तूबर को आरोपी को हाईकोर्ट से मिला 10 दिन का अस्थाई गिरफ्तारी स्टे।
- 15 नवंबर को हाईकोर्ट ने अस्थाई स्टे को स्थाई कर दिया।
- 28 नवंबर को हाईकोर्ट ने सभी आरोपियों की अग्रिम जमानत मंजूर कर ली।
- 13 दिसंबर को विवेचक मो. मन्नान ने मामले में आरोप पत्र दखिल किया।
- 14 दिसंबर को आरोपी अवधेश सिंह ने मोहल्ले में मिठाई बांटकर खुशी मनाई।
- 16 दिसंबर को दुष्कर्म पीड़िता ने एसपी कार्यालय पहुंच खुद को आग लगाई
- 16 दिसंबर को जिला अस्पताल से उसे कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया।
- 21 दिसंबर शनिवार की देर शाम दुष्कर्म पीड़िता की हैलट में इलाज के दौरान मौत हुई।