चित्रकूट में एक सप्ताह में जिला पुलिस ने डेढ़ लाख के इनामी डाकू गौरी यादव गैंग के 25-25 हजार रुपये के दो इनामी डकैतों को ठिकाने लगाया है। शनिवार को छोटी बेलहरी गांव निवासी सुबेश यादव को दबोच लिया। इसके पहले 31 मार्च को पडमनिया गांव के भालचंद्र को मुठभेड़ में मार गिराया था।
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डकैत ने कबूली बड़ी बात
- फोटो : अमर उजाला
जबकि भालचंद्र के भाई लालचंद्र को तमंचे के साथ पकड़कर जेल भेजा है। दबोचे गए 25 हजार के इनामी सुबेश की मानें तो मुठभेड़ में मारा गया 25 हजार रुपये का इनामी डाकू भालचंद्र डाकू गौरी यादव का रिश्ते में भाई लगता था। फरवरी में सतना जेल से जमानत पर छूटने के बाद वह मझगवां क्षेत्र में दूध बेचने का काम करने लगा था।
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मुठभेड़ में पकड़ा गया था डकैत
- फोटो : अमर उजाला
यूपी में पंचायत चुनाव की घोषणा होते ही दोबारा सरगना से मिलने पहुंचा था। सरगना गौरी यादव की मां मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के एक गांव से निवर्तमान प्रधान है। इनामी सुबेश के अनुसार चुनाव में सरगना के बुलावे पर कई गैंग सदस्य एकत्र होकर फरमान जारी करने की योजना बना रहे थे।
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पंचायत चुनाव की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
तभी 31 मार्च को एसटीएफ व पुलिस टीम से मुठभेड़ हो गई थी। इस मुठभेड़ में वह (सुबेश) सरगना के साथ भाग निकला था। जबकि भालचंद्र मारा गया था। स्वाट टीम प्रभारी श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि दबोचा गया सुबेश व मारा गया भालचंद्र गैंग के विश्वसनीय सदस्य थे।
पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इन सबकी पंचायत चुनाव में हस्तक्षेप करने की योजना थी। गौरतलब है कि मुठभेड़ के बाद पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने भी माना था कि डाकू गौरी यादव गैंग बहिलपुरवा क्षेत्र के माडो बांध के पास एकत्र होकर पंचायत चुनाव में हस्तक्षेप करने की योजना बना रहे थे। उन्होंने कहा कि चुनाव में किसी डकैत का हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा।