चित्रकूट के कुख्यात डकैत जीजा-साले बबुली कोल और लवलेश कोल का रविवार रात अंत हो गया। इनकी मौत की खबर सुनते ही यूपी-एमपी पुलिस ही नहीं यहां की जनता में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी। आए दिन जनता बबुली कोल गैंग के आतंक से त्रस्त आ चुकी थी। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद बबुली कोल उनकी पहुंच से दूर था।
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डकैत बबुली कोल और लवलेश कोल की मौत
- फोटो : अमर उजाला
पिछले 15 दनों में ही कोल गैंग ने चित्रकूट जिले के दो ग्रामीणों का अपहरण किया था। जिसके फिरौती लेकर ग्रामीणों छोड़ा था। कोल गैंग के आतंक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त था। लोग घरों से निकलने में कांपने लगते थे।
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डकैत बबुली कोल और लवलेश कोल की मौत
- फोटो : अमर उजाला
बबुली पर साढ़े छह लाख और उसके साथी लवलेश पर 1.80 लाख रुपए का इनाम था। पुलिस टीम भी डकैतों को पकड़ने के लिए एड़ी चोटी जोर का जोर लगाए हुई थी और बीहड़ में डेरा डाले हुए थी। हर बार बबुली कोल व लवलेश टीम के चंगुल से बच निकलते थे।
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बबुली कोल और लवलेश की मौत के बाद ग्रामीणों ने जाहिर की खुशी
- फोटो : अमर उजाला
रविवार रात आपसी गैगवार में दोनों का अंत हो गया। जानकारी के अनुसार फिरौती की रकम के बंटवारे को लेकर कोल गैंग के डकैत आपस में भिड़ पड़े। जिले की सीमा से सटे सतना के चमरी पहाड़ के जंगल में आपसी भिड़ंत के दौरान डाकुओं के बीच कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें सरगना बबुली की मौत हो गई।
बबुली पर साढ़े छह लाख और उसके साथी लवलेश पर 1.80 लाख रुपए का इनाम था। मध्यप्रदेश के साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस को लंबे समय से इनकी तलाश थी। रीवा रेंज के आईजी चंचल शेखर ने बबुली और लवलेश के मारे जाने की पुष्टि की।