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Cylinder On Track: एसीपी बोले- शरारत हो रही है…आतंकी साजिश से इन्कार नहीं, जानकारी देने वाले को एक लाख का इनाम

Fri, 03 Jan 2025 10:48 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: बर्राजपुर में दो रेलवे ट्रैक के बीच खाली सिलिंडर मिलने के मामले में घटना की जानकारी देने वाले को एक लाख का इनाम देने की घोषणा की गई है। वहीं, एडिशनल पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि शरारत हो रही है, आतंकी साजिश से भी इन्कार नहीं किया जा सकता है।
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रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने का मामला - फोटो : amar ujala
कानपुर में आतंकी साजिश की आशंका पर शिवराजपुर के पास रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने की आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) ने जांच शुरू कर दी है। गुरुवार को एटीएस की टीम ने घटनास्थल की जांच की। ट्रैक के पास मिला गैस सिलिंडर वहां कैसे पहुंचा, इसकी जानकारी के लिए जांच में लगी आरपीएफ, जीआरपी और पुलिस ने रेलवे स्टेशन के आसपास लगे लगभग 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं।
एक संदिग्ध को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। फिलहाल अभी जांच टीम के हाथ कोई साक्ष्य नहीं लग सका है। मंगलवार रात करीब नौ बजे बर्राजपुर रेलवे स्टेशन के यार्ड के पास दो रेलवे ट्रैक के बीच घरेलू इस्तेमाल वाला पांच किलो का गैस सिलिंडर रखा मिला था। सिलिंडर के पास एक पर्चा भी मिला था। इसमें गिन्ना गिहार और रंजीत का नाम लिखा है। पुलिस के मुताबिक, मक्का का पुरवा गांव निवासी गिन्ना पुलिस का मुखबिर था।
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रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने का मामला - फोटो : amar ujala
2019 में गिन्ना गिहार के खिलाफ केस दर्ज हुआ था
उसकी सूचना पर 2019 में तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने शराब का बड़ा काम बंद कराया था। उसी के बाद से रेल से जुड़ीं इन घटनाओं में गिन्ना और उसके बेटे रंजीत के नाम सामने आ रहे हैं। 20 फरवरी 2019 में कालिंद्री एक्सप्रेस के बाथरूम के पास धमाका हुआ था। उस घटना के दौरान मिले पत्र में भी गिन्ना, रंजीत और अमर के नाम लिखे थे। अमर गिन्ना का ममेरा भाई है। 2019 में गिन्ना गिहार के खिलाफ केस दर्ज हुआ था।
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रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने का मामला - फोटो : amar ujala
घटना के दौरान भी एक पत्र मिला था
विवेचना के दौरान गिन्ना के विरोधी जगदीश समेत 150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई। विवेचना और जांच के दौरान धमाका करने वाले का पता नहीं लगा था, इसलिए फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी। आठ नवंबर 2024 को शिवराजपुर के मुंडेरी क्रॉसिंग के पास फिर गैस सिलिंडर रेलवे ट्रैक पर रखा गया था। इस घटना के दौरान भी एक पत्र मिला था। इसमें भी रंजीत, गिन्ना के साथ मोटू उर्फ अनार, अमर सिंह और अंकित के नाम लिखे थे।

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रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने का मामला - फोटो : amar ujala
आतंकी साजिश से भी पूरी तरह इन्कार नहीं
अब एक जनवरी को खाली सिलिंडर के पास मिले पत्र में भी अमर सिंह, रंजीत और गिन्ना के नाम लिखे हैं। पुलिस ने पहले मिले दोनों पत्रों की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई,तो काफी समानता मिली थी। अब तीसरे पत्र की भी राइटिंग पहले वालों पत्रों से मेल खा रही है। इस पत्र को भी जांच के लिए हैंड राइटिंग एक्सपर्ट को भेजा जाएगा।एडिशनल पुलिस कमिश्नर कानून व्यवस्था हरीश चंदर और डीसीपी पश्चिम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया घटना के पीछे किसी शरारती तत्व का हाथ प्रतीत हो रहा है, जो गिन्ना और उसके परिवार को फंसाना चाह रहा है। आतंकी साजिश से भी पूरी तरह इन्कार नहीं किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
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रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने का मामला - फोटो : amar ujala
सूचना देने वाले को एक लाख का इनाम
पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार ने पत्र लिखने वाले और शरारत करने वालों को पकड़वाने में मदद करने वाले को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरीश चंदर ने बताया कि जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। एसीपी बिल्हौर के सीयूजी नंबर 9454401465 पर जानकारी दे सकते हैं।
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Kalindi Express - फोटो : amar ujala
कालिंदी की साजिश से जोड़ रहे कड़ियां
इसी रेलवे ट्रैक पर 112 दिन पहले भरा हुआ गैस सिलिंडर और पेट्रोल बम रखकर कालिंदी एक्सप्रेस को उड़ाने की साजिश की गई थी। एजेंसियां पुरानी कड़ियों को जोड़कर जांच कर रही हैं। जांच टीमों ने आसपास के सीसीटीवी खंगालने के साथ लोगों के बयान दर्ज किए हैं। बिल्हौर स्टेशन पर तैनात एसएसआई रमेश चंद्र की ओर से जीआरपी थाना फर्रुखाबाद में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। फर्रुखाबाद जीआरपी ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।
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Kalindi Express Accident - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद जीआरपी कर रही जांच
स्टेशन मास्टर की ओर से दी तहरीर में बताया गया कि 31 दिसंबर की रात मो. इफ्तखार अहमद अंसारी और मोहित कुमार पेट्रोलिंग ड्यूटी में थे। रात 9.10 बजे बर्राजपुर यार्ड की मेन लाइन के बीच में एलपीजी गैस का पुराना पांच लीटर का खाली सिलिंडर मिला। इसकी सूचना रात 9.52 बजे उन्हें दी गई। सूचना मिलते ही गैंगमैन व की-मैन मौके पर पहुुंचे और सिलिंडर को लाइन से हटाकर बर्राजपुर स्टेशन पर रखवा दिया। रात 10 से 11 बजे के बीच ट्रैक की चेकिंग कराई गई। सब कुछ ठीक मिलने पर रात 11.05 बजे ट्रैक के फिट होने का मेमो जारी किया। यह कार्य किसी अज्ञात व्यक्ति की ओर से किया गया है, जिसका उद्देश्य रेल पथ को हानि पहुंचाना था।

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रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने का मामला - फोटो : amar ujala
ट्रेन से सिलिंडर फेंकने के बिंदु पर भी जांच, एक को पकड़कर छोड़ा
ट्रेन से किसी यात्री के सिलिंडर फेंकने के बिंदु पर भी जांच की जा रही है। सूत्र बताते हैं कि कुछ जांच अधिकारियों को आशंका है कि सर्दी के कारण कई किराए पर रहने वाले छात्र या फिर महिलाएं-युवतियों द्वारा इस प्रकार के सिलिंडरों का बहुतायत में इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में चलती ट्रेन में जीआरपी-आरपीएफ को आता देख किसी यात्री ने सिलिंडर फेंक दिया गया हो। गुरुवार को एक्सपर्ट सर्विलांस की मदद से रेलवे ट्रैक किनारे लैपटॉप लेकर घंटों जांच-पड़ताल में जुटे रहे।
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रेलवे ट्रैक किनारे सिलिंडर मिलने का मामला - फोटो : amar ujala
एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर की गई पूछताछ
एसटीएफ टीम के साथ ही आरपीएफ और जीआरपी के अफसरों ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की। कानपुर के अलावा कन्नौज, उन्नाव, औरैया, हरदोई में पुलिस टीम के अलावा मुखबिर का नेटवर्क सक्रिय किया गया है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ करने का निर्देश दिया गया। जांच अधिकारियों के इशारे पर क्षेत्र के मक्कापुरवा गांव निवासी एक संदिग्ध को पुलिस ने हिरासत में लिया। काफी देर तक पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया।
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