उन्नाव जिला जेल की सलाखों में बंद कैदी खुलेआम पिस्टल लहराते हैं। शराब और लजीज व्यंजनों की दावतें भी होती हैं। वह जेल को अपना कार्यालय बताते हुए सरकार को चुनौती देते हैं। इसका खुलासा सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में हुआ। इससे जेल और जिला प्रशासन में हड़कंप मचा है। जेल अधीक्षक ने डीआईजी जेल को अपनी रिपोर्ट भेजी है। उन्होंने पांच जेल कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति भी की है।
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जेल में तमंचा
- फोटो : अमर उजाला
डीएम और एसपी शाम को जिला जेल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। डीएम देवेंद्र पांडेय ने बताया कि अतिरिक्त मजिस्ट्रेट और सीओ सिटी की संयुक्त टीम बनाकर जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। कई बार सुर्खियों में रही उन्नाव जेल एकबार फिर चर्चा में है। बुधवार को सोशल मीडिया पर चार वीडियो वायरल हुए। वीडियो में जेल की बैरक में कुछ बंदी लजीज व्यंजन और जाम लहराते हुए दिख रहे हैं।
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जेल में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो में जेल परिसर में पिस्टल लहराते दिख रहा कैदी मेरठ भतीपुर थाना किठौर निवासी अमरीश सिंह हत्या और लूट के मुकदमे में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। जबकि उसका साथी रायबरेली हसनपुर बछरावां निवासी गौरव प्रताप सिंह उर्फ अंकुर लखनऊ के थाना नाका में दर्ज हत्या के एक मुकदमे में विचाराधीन बंदी है। गौरव सिंह 31 मार्च 2017 और अमरीश सिंह 11 फरवरी 2017 से उन्नाव जेल में है।
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जेल में दारू पार्टी
- फोटो : अमर उजाला
दोनों शातिर अपराधी हैं और प्रशासनिक आधार पर लखनऊ व मेरठ जेल से यहां भेजा गया था। दोनों को जेल की बैरक नंबर 17 में रखा गया है। बैरक के भीतर बंदी दावत खाते और पिस्टल लहराते दिख रहे हैं। वीडियो में अपना परिचय देते हुए प्रदेश सरकार और जेल प्रशासन को खुली चुनौती दे रहे हैं। खुले आम कहते हैं कि योगी ने उन्हें दंडित करने के लिए उन्नाव जेल भेजा था। वह जेल को अपना कार्यालय बताते हैं और जेल या जेल के बाहर किसी से भी निपट लेने की धमकी भी दे रहे हैं।
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आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
वीडियो में चुनौती देने वाले अंदाज में माचिस और सिगरेट की डिब्बी भी दिखाते हैं। शाम को डीएम देवेंद्र पांडेय और एसपी एमपी वर्मा जेल पहुंचकर मामले की जानकारी ली। डीएम ने बताया कि मजिस्ट्रेट राजेश चौरसिया और सीओ सिटी उमेशचंद्र त्यागी को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जेल में तमंचे के साथ अपराधी
- फोटो : अमर उजाला
मिट्टी की पिस्टल, बोतल में शराब नहीं, तेल है : जेल अधीक्षक
जेल अधीक्षक एके सिंह ने इस प्रकरण को साजिश बताया। कहा कि वह सख्ती करते हैं इसलिए जेल स्टाफ भी नाखुश रहता है। कुछ कर्मियों ने खुन्नस में यह साजिश रची है। बताया कि जांच में पता चला है कि यह वीडियो फरवरी महीने में रिकॉर्ड किए गए हैं। दोनों अपराधी सर्दियों के कपड़े पहने भी दिख रहे हैं। उनके मुताबिक वीडियो में दिखाया जा रहा पिस्टल मिट्टी का है और बोतल में शराब नहीं सरसों का तेल भरकर शराब बताने का नाटक किया गया है।
जो भोजन प्लेटों में रखा है उसमें कुछ भी ऐसा नहीं है जो बाहर से आया हो। हालांकि जेल परिसर में मोबाइल फोन का प्रयोग और वीडियो रिकार्डिंग के सवाल को वह टाल गए। बताया कि कुछ जेल कर्मियों ने दबाव बनाने के लिए यह कृत्य किया है। इनमें हेड जेल वार्डर माता प्रसाद, हेमराज, जेल वार्डर अवधेश साहू, सलीम खां शामिल हैं। इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।