बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित अाश्रम के नाम पर घिनाैनापन करता था। यह हम नहीं कह रहे हैं। ये कहना है उन 34 लड़कियाें का जिसे बाबा ने डरा धमकाकर अपने अाश्रम की गुफाअाें में कैद कर रखा था।
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लड़कियां खाती हैं बाबा से खाैफ
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अाश्रम की महिलाएं
लड़कियाें ने पूछताछ में पुलिस काे बताया कि बाबा अपनी जरूरताें के हिसाब से सबका इस्तेमाल करता था। बाबा के खाैंफ का अालम ये था कि परिजन भी अपनी बेटियाें अाैर बहनाें से मिलने में घबराते थे।
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बाबा के मायाजाल काे देखकर हाईकोर्ट भी हैरान रह गया
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अाश्रम
बाबा के मायाजाल काे देखकर हाईकोर्ट भी हैरान रह गया। तलाशी अभियान के दौरान विश्वविद्यालय के अंदर कुछ ऐसी चीजें मिली हैं, जो कृष्ण का ढोंग रचने वाले इस बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को वहशी साबित कर देंगी।
अाश्रम के तहखानाें में कम उम्र की लड़कियों को बंधक बना कर रखा
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अाश्रम
अाश्रम के तहखानाें में कम उम्र की लड़कियों को बंधक बनाकर रखा जाता था। उन्हें गोपियों की तरह ट्रीट किया जा रहा है। अाश्रम में पुरूषाें के अाने पर पाबंदी थी। यहां पर सिर्फ लड़कियों को ही रखा जाता था। बाबा लड़कियाें से अपने शरीर की मालिश भी करवाता था।
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अाश्रम में नहीं है मिलने की इजाजत
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जांच करती पुलिस की टीम
बाबा के अाश्रम में परिजनाें काे अपनी बहनाे अाैर बेटियाें से मिलने की इजाजत लेने में भी डर लगता था। तहखानाें में कैद लड़कियाें काे बाबा कभी कभी बाहर निकालता था। बाबा अाध्यात्म नहीं अय्याशी का आश्रम चलाता था।
आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में एक मुख्य और दूसरा वीवीआईपी आश्रम है। दोनों आश्रमों को जोड़ने के लिए एक सुरंग बनाई गई है। इसी सुरंग के जरिए बाबा वीवीआईपी आश्रम में सुख-सुविधाओं के अलावा लड़कियों को लाने ले जाने का काम करता था।