बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के अाश्रम में अाध्यात्म के नाम पर काम की शिक्षा दी जाती थी। ये शिक्षा काेई अाैर नहीं बाबा खुद देता था। अाश्रम से निकलने वाली लड़कियाें ने पुलिस के सामने बाबा के काम शास्त्र के बारे में चाैकाने वाले खुलासे किये हैं।
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अाध्यात्म की किताबें नहीं काम शास्त्र का ज्ञान देता था बाबा
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वीरेन्द्र देव दीक्षित का अाश्रम
पुलिस ने जब बाबा बाबा वीरेन्द्र देव दीक्षित के दिल्ली अाैर फर्रुखाबाद स्थित अाश्रम में जब पुलिस ने छापा मारा ताे उस के हाेश उड़ गए। बाबा की अपनी एक अलग ही दुनिया है। यहां बस बाबा का सिक्का चलता है।
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तहखानाें का एक मायाजाल है बाबा का अाश्रम
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वीरेन्द्र देव दीक्षित के अाश्रम में महिलायें
बाबा के ठिकाने काे एेसे तैयार किया गया था कि उसमें परिंदा ताे दूर हवा भी बिना बाबा की इजाजत के अंदर नहीं जा सकती है। बाबा के अाश्रम मे तहखानाें का एक मायाजाल है। इनमे मासूम लड़कियाें काे कैद कर के रखा जाता था।
गुफाअाें में कैद रखता था लड़कियाें काे
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वीरेन्द्र देव दीक्षित के अाश्रम में लड़कियाें के साथ हाेता है ये
बाबा कम उम्र की लड़कियाें काे गुफा में कैद करके रखता था। इन्हें बाबा अाध्यात्म नहीं काम शास्त्र की किताबाें से ज्ञान देता था। ढोंगी बाबा के आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में एक मुख्य और दूसरा वीवीआईपी आश्रम है।
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सुरंग के जरिये बाबा ने जाेड़ रखा था अाश्रम
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वीरेन्द्र देव दीक्षित का अाश्रम
दोनों आश्रमों को जोड़ने के लिए एक सुरंग बनाई गई है। इसी सुरंग के जरिए बाबा वीवीआईपी आश्रम में सुख-सुविधाओं के अलावा लड़कियों को लाने ले जाने का काम करता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने विश्वद्यालय के अंदर से 30-40 मोबाइल फोन और 10-12 मेमोरी कार्ड बरामद किए।
इसके अलावा पुलिस टीम को अंदर से 15-20 सिम कार्ड भी मिले हैं। सर्च टीम को विश्वविद्यालय के अंदर से कुछ चिट्ठियां भी मिली हैं जिन्हें सील कर दिया गया है। हाईकोर्ट में जब यह चिट्ठियां पेश की जाएंगी तो वहशी बाबा की और कारगुजारियां भी सामने आ सकती हैं।