यूपी की मित्र पुलिस सुर्खियों में रहने का कारण ढूंढ ही लेती है। कानपुर के गाेविंद नगर में एक लूट के अाराेपी काे पुलिस ने इतना प्रताड़ित किया कि उसने अपनी जान देना बेहतर समझा। थाने के अंदर हुए इस हादसे से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए।
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डेमाे पिक
गुजैनी आई ब्लॉक निवासी रविंद्र नाथ गौतम उन्नाव के सिविल लाइंस थाने से कांस्टेबल पद से रिटायर हैं। उनका बेटा हिमांशु मंगलवार शाम करीब चार बजे नौबस्ता निवासी बहन नीतू से मिलने बाइक से जा रहा था। रतनलाल नगर पुलिया पर चौकी इंचार्ज भूपेंद्र कुमार ने अपनी टीम के साथ मिलकर उसे पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक हिमांशु लूट के आरोप में बर्रा थाने से वांछित है।
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पुलिस उसे रतनलाल नगर चौकी ले गई। आरोप है कि पुलिस ने उसे जमकर पीटा। 20 दिन पहले बर्रा थाना क्षेत्र में लूट कबूल करवाने के लिए प्रताड़ित किया। आरोप है कि पुलिस ने छोड़ने के एवज में रुपये भी मांगे। प्रताड़ना के चलते उसने चौकी में रखी बोतल फोड़कर पेट में घुसेड़ ली। वहीं भूपेंद्र कुमार का कहना है कि जनता नगर पुलिया के पास वाहन चेकिंग देखकर हिमांशु बिना नंबर की बाइक खड़ी करके पैदल ही भागने लगा।
पुलिस ने दौड़ाया तो उसने यह कदम उठा लिया। इस संबंध में एसपी साउथ अशोक वर्मा का कहना है कि चार मार्च को बर्रा में महिला से मोबाइल लूटा था। पुलिस ने हिमांशु, धीरज और निशांत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। दो को तो जेल भेज दिया गया था, हिमांशु फरार था। पुलिस ने एसआई भूपेंद्र राय की तहरीर पर हिमांशु के खिलाफ पुलिस को धमका कर आत्महत्या की कोशिश करने का केस दर्ज किया है।