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धार्मिक स्थलों पर लगती थी ‘आतंक की पाठशाला’, एनआईए के हाथ लगे ये सबूत चौंका रहे

Sat, 15 Apr 2017 05:56 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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भोपाल-उज्जैन पैसेंजर ब्लास्ट के मामले में एनआईए की नजर कानपुर के जाजमऊ स्थित तीन धार्मिक स्थलों पर है। एनआईए पता लगा रही है कि पकड़े गए युवक आतंकी कैसे बने। एनआईए आतंकियों की कुंडली खंगाल चुकी है।के आधार पर चारों आतंकी जाजमऊ स्थित धार्मिक स्थलों पर जाते थे और घंटों गुजारते थे। अब यह तीनों धार्मिक स्थल एनआईए के निशाने पर आ गए हैं।
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एनआईएन को शक है कि इन्हीं धार्मिक स्थलों में से किसी एक में पकड़े युवकों के दिमाग आतंकी गतिविधियों को कूट-कूटकर भरा गया। एनआईए धार्मिक स्थलों की गतिविधि और उससे जुड़े लोगों कीजानकारी जुटा रही है। 
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बताते हैं कि एनआईए ने पकड़े गए आतंकियों को रिमांड में लेकर पर्याप्त सबूत तो जुटा लिए है, लेकिन उनसे यह नहीं उगलवा पाई कि किसने उनका ब्रेन वॉश कर आतंकी बनाया। पूछताछ में यह जरूर पता चला था कि पिछले दो साल में ज्यादातर समय वह धार्मिक स्थल पर ही गुजारते थे।

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वहीं पर वे आईएसआईएस विचारधारा से जुड़ी किताबें पढ़ते थे, जिससे उनकी सोच बदल गई। एनआईए की जांच में यह भी सामने आया है कि इन्हीं धार्मिक स्थल से जुड़ा कोई शख्स ही इन किताबों से जरिये युवकों को बरगलाता है, लेकिन यह शख्स कौन है?
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यह एनआईए को अभी पता नहीं चला है। जांच एजेंसी से जुड़े एक अफसर के मुताबिक जब तक यह नहीं पता चलेगा कि इन युवकों को किसने आतंकी बनाया, उनकी जांच जारी रहेगी और उनको आईएसआईएस का कनेक्शन पता चलेगा। 
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