मध्य प्रदेश में पकड़ा गया पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट बांदा का बलराम दुबई गया था। दुबई में टैक्सी चलाने के दौरान उसकी दोस्ती किसी अजहर से हुई थी। अजहर ने ही उसे आईएसआई से जोड़ा था। वहां बलराम ने इस्लाम धर्म अपनाया था। भारत लौटने के बाद फिर हिन्दू धर्म के मुताबिक रहने लगा।
विज्ञापन
जानें, इस "गद्दार" बलराम की आईएसआई एजेंट बनने की कहानी
2 of 5
डेमो
आईएसआई ने उसे दुबई में ट्रेनिंग भी दी थी। इसके अलावा तमाम और जानकारियां बलराम से पूछताछ में एटीएस को मिली हैं। इसके बाद यूपी एटीएस ने बांदा, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, चित्रकूट समेत अन्य जिलों में रहने वाले करीबियों और परिजनों की सूची और बैंक खातों का ब्योरा जुटाना शुरू दिया है।
विज्ञापन
जानें, इस "गद्दार" बलराम की आईएसआई एजेंट बनने की कहानी
3 of 5
डेमो पिक
लखनऊ में पिछले दिनों एसटीएफ और एटीएस ने फर्जी समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज चलाने वाले गैंग का खुलासा किया था। इसके बाद एमपी एटीएस के हाथ लगे बलराम ने देश भर में फैले आईएसआई के माड्यूल और उनकी मदद करने वाले कई और लोगों के बारे में एटीएस को बताया है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि पता चला है कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जासूसी के तार फैले हैं।
जानें, इस "गद्दार" बलराम की आईएसआई एजेंट बनने की कहानी
4 of 5
डेमो पिक
देश में 500 से ज्यादा लोग पाकिस्तान में बैठे आकाओं को फर्जी समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज के जरिए अपने देश की महत्वपूर्ण सूचनाएं भेज रहे हैं। इसमें यूपी और एमपी में इस रैकेट का खुलासा किया गया है।
जानें, इस "गद्दार" बलराम की आईएसआई एजेंट बनने की कहानी
5 of 5
बलराम
बलराम ने बताया है कि आईएसआई से जुड़ने के बाद वह दोबारा फिर दुबई गया था, जहां उसे आईएसआई के लिए काम करने की ट्रेनिंग दी गई थी। वहां उसे समानांतर टेलीफोन एक्सचेंज चलाना सिखाया गया था। भारत में आईएसआई का नेटवर्क तैयार करने के लिए उसे मोटी रकम मिलती थी।