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बचपन से ही खूंखार हाेने लगा था आतंकवादी सैफुल्ला, पढ़िए पूरी कहानी

Tue, 14 Mar 2017 10:50 AM IST
दिलीप सिंह, अमर उजाला, कानपुर
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आतंकवादी सफुल्लाह
लखनऊ में मारे गए सैफुल्ला के पिता सरताज ने बेटे का शव लेने से मना किया और कहा मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। देशद्रोही के साथ सही हुआ। कानपुर के जाजमऊ इलाके का रहने वाला था सैफुल्ला। सैफुल्ला का अगला प्लान सभी धर्मस्थलों को निशाना बनाना था। वह लखनऊ का बड़ा इमामबाडा और देवाशरीफ पर भी धमाका करने की साजिश रच रहा था। 
आगे पढ़ें सैफुल्ला और उसके परिवार की पूरी कहानी...
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ये है मारे गए आतंकवादी सैफुल्ला की पूरी कहानी

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आतंकवादी सफुल्लाह
कानपुर के मनोहर नगर जाजमऊ इलाके में 1995 में सैफुल्ला का जन्म हुआ था। सैफुल्ला बचपन से ही पढ़ने में तेज था। उसके पिता सरताज छोटा-मोटा बिजनेस करते हैं। सैफुल्ला के दो भाई खालिद और मुजाहिद हैं एक बहन बहन भी है। चार भाई बहनों में सैफुल्ला तीसरे नंबर का था। सैफुल्ला के पिता सरताज केछह भाई हैं। जिनमें नूर अहमद, ममनून, सरताज, और मंसूर मनोहर नगर वाले घर में रहते हैं और दो बाकी दो भाई नसीम और इकबाल तिवारीपुर वाले मकान में रहते हैं। 
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ये है मारे गए आतंकवादी सैफुल्ला की पूरी कहानी

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आतंकवादी सफुल्लाह
सैफुल्ला बीकॉम सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के संपर्क में आने के बाद उसने अपने घर में बम बनाने के तरीके सीखे थे। आमतौर पर शांत रहने वाला सैफुल्ला कभी-कभी ऐसा बन जाता था कि जैसे वह शैतान हो। उसके मोहल्ले के दोस्तों ने बताया कि पांच साल पहले सैफुल्ला का एक लड़की को लेकर इलाके में ही विवाद हो गया था जिसके बाद उसने असलहों से हवाई फायरिंग भी की थी। 

ये है मारे गए आतंकवादी सैफुल्ला की पूरी कहानी

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आतंकवादी सफुल्लाह के पास से बरामद हुआ आईएसआईएस का झंडा
सैफुल्ला के घर से पुलिस को आईएसआईएस का झंडा और बम बनाने के आईटम के साथ हिन्दुस्तान का झंडा नक्शा भी मिला है। बुधवार को सैफुल्ला की मौत के बाद उसके पिता ने घटना पर अफसोस जताते हुए कहा कि जो देश के खिलाफ हम उसके खिलाफ हैं। वहीं रिश्तेदारों ने कहा कि सैफुल्ला का व्यवहार काफी अच्छा था। वह पांच वख्त की नमाज पढ़ता था। हमें ऐसी उम्मीद नहीं कर रखी थी कि वह आतंकवादी बन जाएगा।
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सैफुल्ला की लाश
लखनऊ एनकाउंटर में मारे गए आईएसआईएस आतंकी सैफुल्ला के पिता ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है। भाई का कहना है कि हम उसकी लाश को हाथ भी नहीं लगाएंगे। उसके साथ जो भी हुआ वो इसी लायक था। सैफुल्ला के भाईयों ने कहा कि हमें उसकी मौत का कोई गम नहीं है। उसने हमारे परिवार को बेइज्जत किया है। हम उसकी मैय्यत में भी नहीं जाएंगे ना ही उसे दफनायेंगे।
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