कहीं पत्नी को पति पर भरोसा नहीं तो कहीं पति के साथ रहने की जिद। आपसी विवाद और दहेज उत्पीड़न के चलते आए दिन तकरार। ऐसे मामले हर राेज पुलिस के सामने आ रहे हैं, जिनके चलते सात जन्मों का बंधन चंद महीनों में ही दरक रहा है।
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सुलह-समझौता केंद्र के मामलों से हुआ खुलासा
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महिला थाने में दर्ज शिकायतों में जांच के बाद ज्यादातर आरोप फर्जी मिल रहे हैं। पुलिस लाइन में सुलह-समझौता केंद्र में हर रविवार को ऐसे ही मामले आ रहे हैं। शादी के चंद दिनों बाद पति और ससुराल वालों पर उत्पीड़न का आरोप लगाने के मामले पुलिस तक पहुंच रहे हैं।
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दुल्हन को नहीं रास आ रहा सास-ससुर का संग
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दोनों तरफ से मामला इतना बढ़ता है कि संबंध तोड़ने की नौबत आ जाती है। पति समेत अन्य के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, धमकी देने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए जाते हैं। ज्यादातर मामलों में पति के साथ न रहने से भी ऐसे विवाद रूप ले रहे हैं।
दर्ज शिकायतों में दहेज उत्पीड़न के फर्जी आरोप
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सदस्य डॉ. सबीहा रहमानी ने बताया कि अधिकांश मामलों में यह बात सामने आती है कि सास और ससुर निर्दोष होते हुए भी इस विवाद के लपेटे में आ जाते हैं। बहुएं उनके अनुशासन में रहना पसंद नहीं करतीं। ऐसे मामलों में सुलह का प्रयास किया जाता है। कई बार बात नहीं बनती तो मामला न्यायालय तक पहुंच जाता है।
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दहेज उत्पीड़न के सबसे ज्यादा मामले
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तिलक नगर अतर्रा निवासी युवती ने बीएड की पढ़ाई की है। पिछले साल दिसंबर में उसकी शादी इंदिरा नगर निवासी शिक्षक से हुई थी। उसकी तैनाती फतेहपुर में है। शादी के चंद माह बाद ही पति और सास से विवाद हो गया। उनके खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट लिखा दी। पुलिस की जांच में सामने आया कि युवती पति के साथ फतेहपुर में रहना चाहती है।
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पति के साथ अलग रहना चाहती हैं पत्नियां
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गायत्री नगर (बबेरू रोड) मोहल्ला निवासी युवक की शादी पिछले साल मार्च में बबेरू कस्बे में एक व्यवसायी की पुत्री के साथ हुई थी। तीन माह बाद दोनों में विवाद हो गया। पुलिस विवेचना में सामने आया कि सास-ससुर के साथ रहने से विवाहिता ने ऐसा कदम उठाया है। वह पति के साथ अलग रहना चाहती है।
निवादा-मलहरा गांव निवासी युवक सीमेंट कंपनी में सेल्स मैनेजर है। उसकी शादी दो साल पहले छतरपुर में शिक्षक की पुत्री के साथ हुई थी। तब से दोनों के बीच अनबन चल रही है। युवती के पिता ने दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट लिखाई। विवेचना में पता चला कि विवाहिता पति पर परिजनों का साथ छोड़ने का दबाव बना रही है। बांदा महिला थानाध्य ने बताया दहेज उत्पीड़न के मामले में परिवार परामर्श केंद्र पर भी सुनवाई होती है। समझौता नहीं होने पर मामला दर्ज होता है। विवेचना के बाद ही पुलिस कार्रवाई करती है।