कानपुर देहात में मृतका का पड़ोसी युवक से करीब डेढ़ साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसकी जानकारी गांव में सभी को थी। युवती के पिता ने परिवार की बदनामी होने की बात कहकर बेटी को कई बार समझाया था। बेटी बात को अनसुना कर प्रेमी से मिलती रही। इसी से खफा होकर पिता ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
गजनेर के खनपना गांव में बुधवार को प्रेमी के घर अपनी बेटी को देखते ही पिता आगबबूला हो गया और कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। बेटी की हत्या के आरोप में पकड़े गए शिवनाथ कमल ने पुलिस हिरासत में जुर्म कबूल किया। उसने कहा कि बेटी की हरकतों से समाज में बदनामी हो रही थी। लगातार समझा रहा था।
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जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद भी वह मानने को तैयार नहीं थी। कहा कि घर के सामने रहने वाले बिरादरी के युवक अवधेश से संबंध थे। परिवार में कभी इस तरह की बात नहीं हुई। रिश्तेदारों तक यह चर्चा हो गई थी। आगे चलकर बेटी की शादी में भी परेशानी आती। वह कुछ समझने को तैयार नहीं थी। इससे आवेश में आकर उसकी हत्या कर दी।
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घटना स्थल पर मौजूद पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
मजदूरी कर बेटी को प्यार से पाला था
पुलिस हिरासत में फफकते हुए कहा कि मेहनत मजदूरी करके बेटी को प्यार से पाला था। कभी सोचा नहीं था कि ऐसी नौबत आएगी। शिवनाथ के इस कृत्य से गांव के लोग स्तब्ध है। ग्रामीणों ने कहा कि शिवनाथ मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करता रहा। गांव में कभी किसी के साथ उसकी कहासुनी नहीं हुई। इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है इस पर लोगों को अभी भी यकीन नहीं हो पा रहा है।
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कानपुर देहात में ऑनर किलिंग का मामला
- फोटो : अमर उजाला
मां घर में होती तो बच सकती थी घटना
खनपना गांव में पिता ने प्रेमी के घर में बेटी की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी। घटना से तीन दिन पहले उसकी मृतका की मां सीमा देवी मायके चली गई थी। घटना की जानकारी पर वह घर आई और बिलखती रही। उसने कहा कि अगर वह मायके न जाती तो शायद घटना न होती। उसके घर में न होने की वजह से बेटी प्रेमी से मिलने पहुंच गई। छोटे भाई बहन सो गए। उन्हें जानकारी नहीं हो सकी।
बिटान की हत्या के बाद बिलखते रहे भाई-बहन
खनपना गांव में बिटान की हत्या के बाद भाई बहन बिखलते रहे। परिवार के लोग कुछ भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुए। बड़ी बहन के शव से लिपट नेहा व प्रिया रोती रहीं। छोटा भाई विवेक भी रो रहा था। जबकि, बड़ा भाई दिनेश भी गुमसुम था। दिनेश ने बताया कि मां घर में नहीं थी। पिता के साथ वह पास के गांव में मजदूरी करने गया था। वहां रात तक ढलाई का काम चलता रहा। इससे रुकना पड़ा। काम खत्म होने के बाद घर पहुंचे तो बहन नहीं थी। इसे पिता बेहद गुस्से में थे। वह उसके लौटने के इंतजार में पूरी रात जागते रहे थे। सुबह पड़ोसी के घर में देखकर उन्होंने आपा खो दिया।