फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गैंगरेप के बाद संवासिनी की हत्या से मचा हड़कंप

Sat, 06 Jan 2018 08:38 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
विज्ञापन
1 of 9
संवासिनी गृह में छानबीन के ल‌िये जाती पुल‌िस
संवासिनी गृह में रहने वाली सरोज की गैंगरेप के बाद हत्या की सूचना से पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया। देर शाम एडीजी, आईजी, डीएम, एसएसपी, एडीएम जांच को पहुंचे। फोरेंसिक टीम बुलाई गई। सीसीटीवी कैमरों के फुटेज हासिल करने के लिए एक्सपर्ट टीम को भी फौरन बुलाया गया।


















 
विज्ञापन

संदिग्ध हालात में युवती की हो गई थी मौत

2 of 9
संवासिनी गृह में जांच करते अध‌िकारी
स्वरूप नगर स्थित राजकीय महिला शरणालय (संवासिनी गृह) में मंगलवार को संदिग्ध हालात में युवती (28) की मौत हो गई। संवासिनी गृह की महिला कर्मचारी युवती को लेकर हैलट आई थी, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को बुधवार को पंचनामे के दौरान युवती के शरीर पर चोटों, छाती से लेकर पेट पर खरोंच और दोनों हथेली पर नीले धब्बे मिले हैं।

 
विज्ञापन

युवती के इलाज से संबंधित कोई भी कागजात मधु नहीं दिखा पाई

3 of 9
पूछताछ करती पुलिस
संवासिनी गृह कर्मचारी मधु ने बताया कि युवती (28) को मिर्गी के दौरे पड़ते थे। मंगलवार सुबह उसकी तबीयत बिगड़ गई तो उसे हैलट में भर्ती कराया। जहां जांच बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवती के इलाज से संबंधित कोई भी कागजात मधु नहीं दिखा पाई। डॉक्टरों ने शव मार्चरी में रखवा दिया। बुधवार को मजिस्ट्रेट के सामने शव का पंचनामा भरा गया।

 

युवती की छाती से लेकर पेट तक थे कई खरोंच के निशान

4 of 9
संवासिनी गृह में छानबीन
हैलट चौकी इंचार्ज यशपाल ने बताया कि युवती की छाती से लेकर पेट तक कई खरोंच के निशान, दोनों हाथ की गदेलियों पर नीले धब्बे सहित अन्य चोटें हैं।  संवासिनी गृह की कर्मचारी मधु के मुताबिक युवती 22 मार्च 2010 से संवासिनी गृह में थी, जबकि इससे पूर्व वह राजकीय बालगृह में थी और बालिग होने पर उसे यहां शिफ्ट कर दिया गया। घर और परिजनों की कोई जानकारी नहीं होने के चलते मृत्यु के 72 घंटे बाद गुरुवार को शव का पोस्टमार्टम होगा। इसकी वीडियोग्राफी कराई जाएगी। 


 
विज्ञापन

​देर रात पुलिस ने फुटेज हासिल कर जांच शुरू कर दी

5 of 9
संवासिनी गृह में छानबीन
युवती की पोस्टमार्टम रिपोर्ट गुरुवार शाम काे जब अफसरों काे पता चली तो सबके हाेश उड़ गये। मामला जब लखनऊ में बैठे अफसरों तक पहुंचा तो स्थानीय अफसरों से पूछताछ शुरू हो गई। ​देर रात पुलिस ने फुटेज हासिल कर जांच शुरू कर दी। इसके बाद एडीजी अविनाश चंद्र, आई आलोक सिंह, एसएसपी अखिलेश कुमार, एडीएम वित्त संजय चौहान, एसपी पश्चिम डॉ. गौरव ग्रोवर, सीओ स्वरूप नगर अभय नारायण राय, थानाप्रभारी राजीव सिंह और एसीएम संवासिनी गृह जांच करने पहुंच गए।

 
विज्ञापन

फोरेंसिक टीम और सीसीटीवी का डॉटा हासिल करने में लगी पुल‌िस

6 of 9
संवासिनी गृह
एडीजी और आईजी ने फौरन फोरेंसिक टीम और सीसीटीवी का डॉटा हासिल करने के लिए प्राइवेट एक्सपर्ट को बुलाया। जिला प्रोबेशन अधिकारी नीलम वर्मा और उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी श्रुति शुक्ला भी संवासिनी गृह पहुंच गईं। अफसरों ने बारी-बारी से वहां कर्मचारियों से घटना के बारे में पूछताछ की। फोरेंसिक टीम ने सरोज के कमरे की बारीकी से पड़ताल की। टीम ने सरोज के साथ रहने वाली महिलाओं व युवतियों से भी एक-एक कर बात की। पूछा युवती कहां सोती थी, उसकी कब और किस वक्त मौत हुई। उसकी तबियत कब से खराब चल रही थी।

 
विज्ञापन

देर रात तक टीम और अफसर वहां जांच-पड़ताल में जुटे रहे

7 of 9
संवासिनी गृह में छानबीन करती पुल‌िस
देर रात तक टीम और अफसर वहां जांच-पड़ताल में जुटे रहे। संवासिनी गृह में महिलाओं और युवतियों का स्वास्थ्य परीक्षण करने वाली नर्स वीरू श्रीवास्तव का कहना है कि उसने जीवित अवस्था में युवती को हैलट रेफर किया था। जबकि संवासिनी गृह प्रशासन ने उसे हैलट भेजते समय मृत अवस्था में भेजने की सूचना स्वरूप नगर थाने को भेजी थी। पुलिस के आपत्ति जताने पर संवासिनी गृह प्रशासन ने दूसरा मेमो भेजा था।


 

बार-बार बेहोश हो जाती थी सराेज

8 of 9
छानबीन करती पुल‌िस
एसएसपी अखिलेश कुमार को पूछताछ में वीरू ने बताया कि वह यहां महिलाओं और युवतियों के स्वास्थ्य का रूटीन चेक अप करने आती है। मंगलवार को उसने बेहोशी की हालत में सरोज को हैलट रेफर किया था। उसे बताया गया था कि युवती को चक्कर आ रहे हैं। वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। हां, यह जरूर है कि उस वक्त युवती की हालत सही नहीं प्रतीत हो रही थी। संवासिनी गृह में तीन बड़े कमरों में 86 युवतियां और महिलाएं रहती हैं। मृतका जिस कमरे में रहती थी, वहां उसके अलावा नौ और महिलाएं व युवतियां रहती हैं।

 
विज्ञापन

संवासिनी गृह परिसर में कुल आठ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं

9 of 9
संवासिनी गृह में छानबीन करती पुल‌िस
संवासिनी गृह परिसर में कुल आठ सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसमें तीन भीतर और पांच बाहर लगे हैं। संवासिनी गृह में कर्मचारी रुबीना, कमलेश गुप्ता, संगीता गौतम, शर्मिला मधू पटेल और प्रशिक्षिका मीना और कार्यवाहक शिव मनोज (सहायक अध्यापक) हैं। इसके अलावा वर्तमान महिला गार्ड जियांक्षा, सच्चा वती और वंदना हैं। संवासिनी गृह की अधीक्षिका नीलम वर्मा की पदोन्नति जिला प्रोबेशन अधिकारी पद हो गई थी। नीलम वर्मा ने ही गृह केकार्यवाहक शिव मनोज को अधीक्षक का कार्यभार सौंपा था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें