कानपुर में संवासिनी गृह के अंदर युवती के साथ गैंगरेप के बाद उसकी हत्या से हड़कंप मचा हुअा है। पूरे शहर की जुबान पर एक ही सवाल है। अाखिर कैसे चार लाेग संवासिनी गृह के अंदर घुसकर एक युवती के साथ गैंगरेप करते हैं अाैर उसकी हत्या करने के बाद अासानी से भाग जाते हैं। संवासिनी गृह के अंदर रहने वालाें काे कानाे-कान इसकी भनक भी नहीं लगी।
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हकीकत से पुलिस का नहीं हाे रहा काेई सामना
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संवासिनी ग्रह में पसरा सन्नाटा
संवासिनी गृह के अंदर गैंगरेप के बाद हुई युवती की हत्या कई बड़े सवाल खड़े कर रही है। पुलिस छानबीन में जुटी हुई है पर अभी तक काेई हल नहीं निकला है। संवासिनी गृह में रहने वाली सभी लड़कियाें से बयान लेने का सिलसिला सुबह से चल रहा है पर हकीकत से पुलिस का काेई सामना नहीं हाे रहा है।
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मौत की सटीक वजह पता लगा पाने पुलिस के लिए चुनौती
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संवासिनी ग्रह में पूछताछ करती पुलिस
संवासिनी के शरीर पर सात चोटें थीं। यह चोटे (खरोंच की) थी। इसका जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट है। यह चोटें ऐसी नहीं थी, जिससे संवासिनी की मौत हो सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि सरोज का दम कैसे घुटा। उसके गले या चेहरे पर किसी तरह का निशान मिलने का जिक्र पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं है। ऐसे में सरोज की मौत की सटीक वजह पता लगा पाने पुलिस के लिए चुनौती है।
तीन सीसीटीवी कैमरे संवासिनी के कमरों के बाहर लगे थे
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संवासिनी ग्रह में लड़कियां
जांच टीम की मानें तो तीन सीसीटीवी कैमरे संवासिनी के कमरों के बाहर लगे थे और पांच कैंपस में। 31 से 1 अक्टूबर के बीच न तो सरोज कमरे के बाहर निकली है और न ही कोई पुरुष उसके कमरे में आया गया। ऐसे में सरोज के साथ गंदी हरकत कहां और कब हुई यह रहस्य बन गया है। संवासिनी गृह में करीब 88 संवासिनी रहती हैं। इनके हाेते हुये एेसी घटना कैसे हाे सकती है।
नाजुक अंग पर मिले पुरुष के बालों को डॉक्टरों ने सुरक्षित रखा
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संवासिनी ग्रह में लड़कियां
उसकी मौत बताए गए दिन 3 जनवरी से ढाई दिन पहले 1 जनवरी को ही हो गई थी लेकिन महिला शरणालय प्रशासन ने अगले दिन उसे मृत अवस्था में हैलट भेजा था। संवासिनी के नाजुक अंग पर मिले पुरुष के बालों को डॉक्टरों ने सुरक्षित रखा है। बाल के जरिए आरोपी का डीएनए टेस्ट कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस संवासिनी गृह के सभी कर्मचारियों और संदिग्धों का ब्लड सैंपल या बाल भी लेगी।