कानपुर में शुक्रवार सुबह बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे मजदूर पप्पू पासी की साइकिल को एक बेकाबू ट्रक ने टक्कर मार दी। नौबस्ता के सिमरा गांव निवासी पप्पू पासी (35) व बेटे अभिषेक (6) की मौके पर ही मौत हो गई जबकि बेटी शैजल(4) घायल हो गई। बाप-बेटे की मौत पर गांव वालों ने जमकर बवाल काटा। गुस्साई भीड़ ने ट्रक ड्राइवर को पकड़कर जमकर पीटा। हाईवे जाम कर भीड़ ने गाड़ियों पर पथराव कर दिया। पिता-पुत्र की मौत के बाद करीब ढाई घंटे तक बवाल चला। इस दौरान रामादेवी-नौबस्ता हाईवे पर दोनों ओर वाहनों का आवागमन थम गया।
एक दर्जन से ज्यादा वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। राहगीरों से हाथापाई की गई। इस पर भी भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हुआ तो ट्रक को आग के हवाले करने का प्रयास किया गया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
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बच्चों को साइकिल से स्कूल छोड़ने जा रहा था बाप
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इस साइकिल पर पप्पू अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहा था
- फोटो : ओ पी वाधवानी
बेटा अभिषेक (6) और बेटी शैजल (4) यशोदा नगर के सरस्वती ज्ञान मंदिर में क्रमश: कक्षा एक और केजी में पढ़ते थे। सुबह पप्पू दोनों बच्चों को साइकिल से स्कूल छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान प्रताप होटल के पास गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने उन्हें सामने से टक्कर मार दी। तीनों साइकिल से उछलकर सड़क पर गिर गए। पप्पू व अभिषेक को रौंदता हुआ ट्रक आगे निकल गया।
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पुलिस ने ट्रक चालक को किया गिरफ्तार
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बाप-बेटे की मौत पर गुस्साई भीड़ ने की तोड़फोड़
- फोटो : ओ पी वाधवानी
मौके पर पहुंचे सिमरा गांव के लोगों ने पथराव कर दिया। इससे कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। पुलिस मुश्किल से स्थिति संभाली और ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया। सीओ के मुताबिक ट्रक चालक पुखरायां निवासी निसार है।
मां और पत्नी का छीना सहारा
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पप्पू और अभिषेक की मौत पर विलाप करते परिजन
- फोटो : ओ पी वाधवानी
मां और पत्नी का छीना सहारा
मौतों से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पप्पू की पत्नी संगीता और मां कुसमा बेसहारा हो गईं। वहीं, दोनों के सामने रोटी का संकट पैदा हो गया है। पप्पू की कमाई से ही परिवार का खर्च चलता था।
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भीड़ को काबू करने के लिए करना पड़ा लाठीचार्ज
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बाप-बेटे की मौत गुस्साई भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने किया लाठीचार्ज
- फोटो : ओ पी वाधवानी
भीड़ को काबू करने के लिए सीओ गोविंद नगर ज्ञानेंद्र सिंह फोर्स बुलानी पड़ी। गांव वाले मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। इस पर लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा।
सड़क हादसे में मारे गए बाप-बेटे की तस्वीर
- फोटो : ओ पी वाधवानी
अच्छी शिक्षा देने का सपना भी टूटा
मजदूरी कर बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने का सपना पप्पू की मौत के साथ ही टूट गया। पत्नी संगीता के मुताबिक पति नहीं चाहते थे कि बच्चे भी बड़े होकर मजदूरी करें, इसलिए खुद का पेट काटकर उन्हें अच्छी शिक्षा दिला रहे थे।