कानपुर आईआईटी हॉस्टल में ड्रग्स की सप्लाई किए जाने का खुलासा हुआ है। आईआईटी निदेशक ने ड्रग्स की सप्लाई रोकने के लिए जिलाधिकारी से मदद मांगी है। आईआईटी परिसर में बाहरी लोगों का प्रवेश रोकने के लिए नानकारी के लिए अलग से रास्ता चालू कराया जाएगा। नई व्यवस्था एक सप्ताह के अंदर चालू करने का प्रयास हो रहा है।
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खुलेआम ड्रग्स का कारोबार हो रहा
कानपुर जिलाधिकारी के संज्ञान में लाया गया है कि आईआईटी हॉस्टल में रहने वाले कुछ छात्र ड्रग्स के लती हो गए हैं। दरअसल आईआईटी के कल्चरल फेस्टअंतराग्नि कार्यक्रम में बाहर के छात्र-छात्राएं भी आते हैं। अंतराग्नि में छात्र-छात्राएं मौज-मस्ती के मूड में रहते हैं। इसी दौरान ड्रग्स सप्लाई करने वाले गिरोह नए छात्र-छात्राओं को भी ड्रग्स का लती बना देते हैं। इसके बाद छात्रों को हॉस्टल में भी सप्लाई की जाती है। आईआईटी प्रशासन इस पर रोक लगाने के कई बंदोबस्त करने जा रहा है। इसी के तहत नानकारी के लिए जाने वाले लोगों का परिसर से प्रवेश रोका जा रहा है।
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आस-पास गांव के लोग यहां नशे का सामान सप्लाई कर रहे
कानपुर जिलाधिकारी ने भी इसे हरी झंडी दे दी है। आईआईटी के मुख्य प्रवेश द्वार से 1.02 किमी मंधना की तरफ आगे बढ़ने पर जीटी रोड से नानकारी के लिए आवागमन सुनिश्चित कराया जा रहा है। हाल-फिलहाल दो पहिया वाहन और पैदल परिसर के अंदर से नानकारी जाने पर रोक नहीं रहेगी। नानकारी और अन्य स्थानों के कुछ बच्चे आईआईटी के केंद्रीय विद्यालय में पढ़ते हैं। इन्हे लेने के लिए आने वाले अभिभावकों को पास जारी किए जाएंगे।
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि मेरे संज्ञान में लाया गया है कि आईआईटी हॉस्टल में ड्रग्स सप्लाई की जा रही है। इसे रोकने के लिए जिला प्रशासन आईआईटी प्रशासन की पूरी मदद करेगा। छात्रों को ड्रग्स सप्लाई करने वालों की धरपकड़ कराने की रूपरेखा बनाई जा रही है। जल्द ही ये लोग पुलिस की पकड़ में होंगे।
आईआईटी निदेशक प्रोफेसर मणींद्र अग्रवाल ने बताया कि फैकेल्टी मेंबर्स और वार्डेन ने बताया है कि हॉस्टल में ड्रग्स की सप्लाई की जा रही है। छात्रों को इससे बचाने के लिए काउंसिलिंग शुरू कराई गई है। इसकी जांच भी शुरू कर दी गई है। ड्रग्स सप्लाई करने वालों को गिरफ्तार कराने के लिए जिला प्रशासन से मदद मांगी गई है।