यूपी के कानपुर में हुए मां-बेटे और बहू के मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया। बुजुर्ग मां के पक्ष में आए फैसले से बेटी खुश है। कोर्ट ने मां के मकान से बेटा और बहू को बेदखल कर दिया। कानपुर के एसडीएम सदर संजय कुमार की कोर्ट ने वृद्धा के पक्ष में फैसला सुनाया है।
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कानपुर बर्रा तीन निवासी 62 वर्षीय मधू मिश्रा ने बेटे कुमार शोभित और उसकी पत्नी नमिता उर्फ ममता के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया था।
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कहा था कि वह विधवा और सेवानिवृत्त महिला है। बड़ी बेटी शुभी पति के साथ दिल्ली में रहती है। साथ रहने वाला बेटा और बहू मकान अपने नाम कराना चाहते हैं। प्रताड़ित करते हैं।
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बहू ने उनका खाना बनाना बंद कर दिया है। बेटे की तरफ से कोर्ट में कहा गया कि वह बेरोजगार है। उसके बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च मां अपनी पेंशन से करती है।