कोरोना वायरस ने लोगों के दिलों में दहशत भर दी है। जिन्हें कोरोना संक्रमण हुआ वो ठीक तो हो गए पर कोरोना का खौफ उनमे घर कर गया है। अब वो लोगों को समझा रहे हैं। कोरोना से बचने की सलाह दे रहे हैं। क्या बताएं भाई, बस, अल्लाहताला ने बचा लिया। 14 दिन तक कुछ समझ नहीं आता था। खौफनाक ख्वाब से रोते-रोते गुजरे हैं कोरोना के वो दिन।
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कोरोना संक्रमित मिलने के बाद सील किया गया इलाका
- फोटो : amar ujala
पता ही नहीं चला कैसे कोरोना हो गया, अब लोगों को समझाते हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग करो, मास्क लगाओ, बेवजह घर से बाहर मत निकलो। अगर संक्रमण हो गया तो एक आदमी नहीं, पूरा घर परेशान होता है। सच बता रहे, अभी तक लोग घर पर नहीं आते। दोस्त-यार बात करने में कतराते हैं। शनिवार शाम को पेशकार रोड पर इस 30 साल के युवक ने हमें रास्ते में रोक लिया।
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कोरोना संक्रमित मिलने के बाद सील किया गया गांव
- फोटो : amar ujala
फिर अपनी व्यथा कथा बताने लगा कि कैसे कोरोना को मात दी। इसी बीच सामने से मोटर साइकिल से बिना मास्क पहने निकले लड़के को उसने रोक लिया। उसे डपटने के अंदाज में मास्क पहनने को कहा। फिर बोला कि आजकल काम तो है नहीं, बस सब को सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना से बचाव बता रहे हैं। फोटो खींचना चाही तो मना कर दिया। तलाक महल में हमें एक और कोरोना विजेता मिल गए।
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हॉटस्पॉट में भी कोई रोक टोक नहीं
- फोटो : amar ujala
उनके वालिद भी उसकी चपेट में आए थे। कहने लगे कि पता ही नहीं चला हुआ कैसे, लेकिन परेशान बहुत हुए। लोग नादानी कर रहे हैं, अभी समझ नहीं पा रहे। जो मिलता है उसे समझाते हैं। अस्पताल में दिन कैसे काटा, दिल ही जानता है। इधर से कर्नलगंज की तरफ घूमे तो एक और कोरोना विजेता मिला। लगभग वैसी ही तकलीफदेह आप-बीती उन्होंने भी सुनाई और कहा कि दो बार निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद रामा मेडिकल कालेज मंधना से हम लोगों को डिस्चार्ज कर दिया था।
वहां से लौटने के बाद एक दोस्त की दुकान पर रहे। पुलिस, स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल फोन करके तीसरी बार जांच के लिए कहा। डर लग रहा था कि अगर फिर संक्रमण हुआ तो पूरा घर बुक हो जाएगा। मोहल्ले वालों को बताते हैं कि झुंड लगाकर न खड़े रहा करें। अगर कोरोना हो गया तो फिर कुछ कहो न, क्या-क्या झेलना पड़ जाता है।