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कोरोना का नया स्ट्रेन: बिना पकड़ में आए फेफड़ों पर बोल रहा हमला, आरटीपीसीआर जांच निगेटिव, पढ़िए रिपोर्ट

Mon, 26 Apr 2021 07:00 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कोरोना से मचा हाहाकार - फोटो : amar ujala
कोरोना का एक नया रूप सामने आ रहा है। कोविड का यह स्ट्रेन बिना पकड़ में आए सीधे फेफड़ों में पहुंचकर उन्हें क्षतिग्रस्त करने लगता है। रोगी की आरटीपीसीआर जांच निगेटिव आती है, इससे उसे नॉन कोविड रोगी मान लिया जाता है। हैलट में इस तरह के दो-चार नहीं तीन सौ रोगी भर्ती हैं। इतनी संख्या में इस नए लक्षण वाले रोगी पहली बार चिह्नित किए गए हैं।

 
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हर आंख में हैं आंसू - फोटो : amar ujala
हैलट के अलावा अन्य अस्पतालों में ऐसे रोगी मिल रहे हैं। हैलट इमरजेंसी में सांस फूलने का लक्षण लेकर ये रोगी आए थे। इन्हें न खांसी आ रही थी और न ही गले में संक्रमण था। सांस फूलने के साथ इन्हें बुखार रहा है। इन रोगियों को हैलट के विभिन्न वार्डों में भर्ती कर दिया गया। रोगियों का ऑक्सीजन लेवल 90 प्रतिशत से जब एक-दो दिन में 40-50 हो गया तो रोगियों का एक्सरे और सीटी स्कैन कराया गया। फेफड़ों की हालत बहुत खराब निकली।

 
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कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
अब इनकी स्थिति संभालनी मुश्किल पड़ रही है। निमोनिया में दी जाने वाली दवाएं खिलाई जा रही हैं लेकिन वे असर नहीं दिखा रही हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरबी कमल का कहना है कि यह स्थिति समझ में ही नहीं आ रही है। सभी की आरटीपीसीआर जांचें निगेटिव हैं। रोगियों को ऑक्सीजन की भी बहुत जरूरत पड़ रही है। इसी तरह के रोगी कोविड स्टेटस वाले अस्पतालों में भी आए हैं। स्थिति गंभीर होने पर उन्हें हैलट रेफर कर दिया जा रहा है। इन रोगियों को कोविड रोगियों की तुलना में जल्दी वेंटिलेटर की जरूरत पड़ रही है। 

 

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हालातों में कोई सुधार नहीं - फोटो : amar ujala
वायरस का म्युटेशन चला करता है। यह कोरोना का ही कोई नया स्ट्रेन हो सकता है। आरटीपीसीआर जांच को लेकर इसकी सेंसिटिविटी कम हो सकती है। इसीलिए शासन ने कोरोना जैसे लक्षण वाले रोगियों का इलाज कोविड अस्पताल के अलग वार्ड में करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. जीके मिश्रा, अपर निदेशक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
 
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बेड न मिलने पर तड़प रहे हैं मरीज - फोटो : amar ujala
किदवईनगर की 56 साल की महिला रोगी का ऑक्सीजन लेवल 50 होने पर उन्हें हैलट इमरजेंसी लाया गया। ऑक्सीजन लगाने के बाद भी लेवल में सुधार नहीं हुआ। कोरोना की जांच के लिए सैंपल भेजा गया। रिपोर्ट निगेटिव आई है। दो दिन के अंदर रोगी को वेंटिलेटर की जरूरत पड़ गई।

 
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कोरोना का कहर - फोटो : amar ujala
तिलकनगर के 76 साल के वृद्ध को अचानक बहुत तेज कमजोरी आई और सांस फूलने लगी। इसके अलावा कोई लक्षण नहीं था। ऑक्सीजन तेजी से गिरी। ऑक्सीजन सपोर्ट के बाद भी स्थिति नहीं सुधरी तो एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सीटी स्कैन में फेफड़ों की स्थिति बहुत खराब निकली है। 
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