कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने का राग अलाप रहे अधिकारियों की आंखों के सामने शहर की अधिकांश सड़कें उखड़ी पड़ी हैं। सड़कों का निर्माण नहीं हो रहा है। जिसके कारण धूल-मिट्टी और प्रदूषण ने लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा हमला बोला है।
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सड़क पर उड़ती धूल से दिन में भी लोगों का चलना दूभर हो गया
- फोटो : अमर उजाला
उधर प्रशासनिक अधिकारी कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। नगर का एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। पूरा शहर धूल-मिट्टी के गुबार से अटा पड़ा है। धूल के कण सांस के साथ लोगों के फेफड़ों में जाकर जमा हो रहे हैं और नई-नई बीमारियों को जन्म दे रहे हैं।
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धूल की वजह से आंखों में और सांस लेने में भी दिक्कत होती है
- फोटो : अमर उजाला
इसके बावजूद जिला प्रशासन को लोगों के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है। लगातार शिकायतें किए जाने के बाद भी अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। कार्यदायी संस्था का मनमाना रवैया लोगों में आक्रोश पैदा कर रहा है।
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बारिश के बाद पूरे शहर का यही हाल है
- फोटो : अमर उजाला
हवा में उड़ रही धूल लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है, जिसका जीता जागता प्रमाण है कि सांस और दमा के रोगियों को अस्पताल में भर्ती होना पड़ रहा है। धूल-मिट्टी के कारण पूरा शहर भयंकर प्रदूषण की चपेट में है।
एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इसके बाद भी प्रदूषण विभाग के अधिकारी कोई भी कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है। सड़कों पर चलना दूभर हो गया है। हवा में उड़ती धूल की वजह से दिन में भी सामने आने वाले वाहन नजर नहीं आते हैं।