दोस्तों मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी शुक्रवार का आपन सहर कानपूर मा मेट्रो का उदघाटन करीन हैं.. ई हम सबै कनपुरियन खातिर चौड़ा होय वाली बात आय.. अब हमरा आप सबै से निवेदन आय कि ओमा मसाला गुटका खाय के नाहि थूकेव.. ई मेट्रो फुल्ली एयरकंडीसन होत है.. एके दरवज्जे अउर खिड़की सब बंद रहत हैं.. जौन जौन लोग मसाला गुटका खात हैं.. उनसे यही कहब कि मेट्रो मा घुसे से पहिले आपन मुंह का उगलदान खाली करि के मेट्रो मा घुसेव.. नाहि तो थूके की जगह ना मिलि..
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राजू श्रीवास्तव
मुंहे मा मसाला भरे भरे सफर करे का पडिहै.. अउर कौनो ओमा बईठ के अगर समोसा कचौरी खाये तो ओका पत्तल आपन जेबै मा रख लिहेव.. कहूं इधिर उधिर गन्दगी ना फैलायेव.. नाहि तो विधिवत कुटाई होई.. बाद मा ना कहेव कि हम बतावा नाहि.. सबै कनपुरिये आपन आपन जिम्मेदारी निभाव.. मेट्रो के अन्दर कौनो अगर खीरा.. ककड़ी.. मूंगफली.. कंघी या सांडे का तेल बेचत भये मिलि जाय तो ओका कोने मा लई जाय के ‘कुनियाय’ दिहेव.. अरे इन्सान का बच्चा बनौ..!! कानपूर की बदनामी ना करेव..
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राजू श्रीवास्तव
अभीन कल इतवार का हम चन्द्रिका देवी चौराहे पे आपन दोस्त घटोत्कच अउर मनोहर के संगे बइठे रहन तो घटोत्कच कहिन भईया आजकाल दिल्ली अउर उत्तर प्रदेस मा ई वायु परदूसण उधम जोते है.. तो मनोहर कहिन नहीं यार अईस नाहि है.. हम दिल्ली अउर बाकी उत्तर परदेस की बात नाही करत हन.. हुंवा परदूसण होई मगर आपन कानपूर ठीक आय.. सब लोगे बिला वजह कानपूर का बदलाम करत हैं कि कानपूर मा गन्दगी बहुत आय.. शाम का धुंध अउर धुंवा बहुत हुई जात है.. जबकि सच्चाई ई आय कि आपन कानपूर अच्छा खासा आय .. तो हम कहा सही कहि रहे हौ.. हमहूं कल रात का बहुत खांसा है.. कानपूर ‘अच्छा खासा’ भी आय अउर खांसा भी आय.. आजकाल तो कुछ जादा ही खांसी रहा..
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राजू श्रीवास्तव
अच्छा इधिर महाराष्ट्र मा अलगै नौटंकी चालि रही.. हुंवा केर राजनीतिक धतूरेबाजी देखि के हमार भेजा झकरकटी हुई गा.. अरे दिमाग का बड़ा चौराहा हुई गा.. कोऊ कहत है हम सरकार बनइबै..तो कोऊ कहत है हम सरकार बनइबै.. एक पार्टी कहि रही कि देखि तुम लोगे हमरे रहिते कइसे सरकार बनइहौ.. अब सुने हन कि महाराष्ट्र के राज्यपाल ‘सरकार’ बनावे खातिर फिल्म निर्देशक राम गोपाल वर्मा का बुलाइन हैं.. काहे से सब जानत हैं कि उई तीन बार ‘सरकार’ बनाय चुके हैं..
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Raju Srivastav
अब देखौ हुंवा केकी ‘सरकार’ बनत है.. वइसे महाराष्ट्र मा सरकार बनाय खातिर जौने खलीफागीरी चालि रही आय तो हमका एक ठो किस्सा याद आय गवा.. आंखन देखि बताय रहे हन.. एक दफा मीरपुर छौनी मा लड्डू बंटत रहे.. हम देखेन कि एक आदमी का लड्डू मिलि गा.. मगर उई लालची आदमी लड्डू वाला हाथ आपन पीछे करि के दूसर लड्डू ले खातिर दूसर हाथ बढ़ाय दिहिस.. तभीने एक कुत्ता आवा अउर ओके पीछे वाले हाथ से लड्डू छीन के भाग गवा..
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Raju Srivastav
यू देखि के उई आदमी कुत्ते का हड़कावे लगा.. ओके बाद उई आदमी फिर लड्डू ले खातिर हाथ बढ़ाइस मगर तब तलक लड्डू खतम हुई गे रहैं.. नोट- ई किस्से का शिवसेना अउर उद्धव ठाकरे से कौनो लेना देना नाहि आय.. वइसे भी अमित शाह सबै पार्टी की हालत अईस करि दिहिन हैं कि मानो उई भंडारे मा गे तो हुंवा खाना खतम हुई गा.. खाली पेट भंडारे से बाहर निकरे तो पता चला चप्पलौ चोरी हुई गे.. खैर छोड़ो ई सब बातन का.. अभीन दुई दिना पहिले हम परमट वाली आपन साली से मिले गे रहन.. बहुतै बड़ी वाली आंय.. हम उस से अइसेहे पूछेन कि अउर सुनाव आजकाल का चालि रहा.. तो कहे लागीं आपन मन का वश मा करे सीख रही हन..
शिमला जाय का मन करत है तो शिमला मिरची खाय लेत हन.. मसूरी जाय का मन करत है तो मसूर की दाल बनाय के खाय लेत हन.. अउर जब बहुत मस्ती चढ़त है.. उधम करे का मन करत है तो उधमपुर घूमि आवत हन .. हम कहा बेटा राजू निकरि लेव हिंया से.. नाही तो ई तोहरे दिमाग का भूसा टोली करि देहे.. एक अउर मजे की बात सुनौ.. हमरे एक दोस्त आंय भजनलाल.. लाटूश रोड पे रहत हैं.. भजनलाल की पत्नी का नाम आय आरती.. अभीन पिछले हफ्ते उनके हिंया बेटा पैदा भवा.. उई हमसे कहिन यार राजू कौनो अच्छा सा नाम बताव हमरे लौंडे खातिर.. हम कहा तोहरा नाम भजनलाल.. पत्नी का नाम आरती.. तो ओका नाम ‘मंजीरा’ रखि देव.. लास्ट मा एक्कै बात कहे चाहित है.. कि हमरी बात ध्यान से सुना करौ..काहे से हमरे घर में हमरी कोई सुनत नहीं है।