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राजू श्रीवास्तव की नजर में कानपुर की बमपिलाट बम बम होली!!

Mon, 25 Mar 2019 11:31 AM IST
शिखा पांडेय यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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राजू श्रीवास्तव
दोस्तों काल गंगा मेला आय.. वइसे हम नोटिस किये हन कि जइसे जइसे होली नजदीके आत है.. सबै टीवी चैनल होली केर रंग मा रंग जात हैं.. हर सीरियल मा होली खेलत दिखावा जात है.. अउर तो अउर ई न्यूज चैनल वाले भी रंगारंग हुई जात हैं.. एंकर न्यूज रूम मा टाई सूट पहिने.. आपन गालन पे चुटकी भर रंग लगाए भये न्यूज पढ़त हैं..
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राजू श्रीवास्तव
आइये अब आपका हम लिए चलत हैं कानपुर के घंटाघर चौराहे पे.. जहां हमरे संवाददाता दीपक रसिया मौजूद हैं.. हां दीपक हुवां कानपुर मा कईस होली खेली जाय रही है .. उधिर से दीपक जवाब दिहिन हां देवांग.. हिंया रंग, अबीर अउर गुलाल से अईस बमपिलाट होली खेली गयी है कि पूरे शहर का रंग खतम हुई गवा है.. हिंया पे हर कोऊ चौचक रंगा पुता भया है अउर रंग खतम होय के बाद कुछ उत्साही लौंडो ने हमका कीचड़ अउर गोबर मा धकेल दिया रहा अउर गटर केर पानी हमरे नाक मा घुस गवा रहा.. देवांग अब तक हमका चार बार गटर मा घुसेड़ा गवा है..।
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राजू श्रीवास्तव
दोस्तों ई तो कुछौ नाही.. एक डोमेस्टिक फ्लाइट मा तो अलगै नजारा रहा.. हुंवा अनाउंसमेंट होत रहा.. नमस्कार.. रंगारंग एयरलाइन्स मा आप सबै लोगन का सवागत है.. हमरी बंबई से कानपुर केर यात्रा अवधी एक घंटा पचास मिनट है.. यात्रा केर दौरान आप लोगन का खाने मा भांग भरी गुझिया अउर पकौडे़ सर्व किये जइहैं.. रंगन से भरी पिचकारी आपकी सुविधा खातिर सामने वाली सीट पे लगी भई है अउर रंग भरे गुब्बारे, अबीर, गुलाल आपकी सीट के नीचे रक्खे हैं.. याद रक्खै.. अंतर्देशीय उड़ान केर दौरान आप कौनो सहयात्री पे गोबर या कीचड़ का प्रयोग नाही कर सकत हैं.. सामने वाली सीट के नीचे एक ठो मास्क लगा भया है जिससे आप लोगन का लगातार भांग वाली ठंडाई केर सप्लाई मिलत रहिये.. आपकी यात्रा टुन्न अउर टल्ली रहै.. अईस हम कामना करत हैं.. हैप्पी होली.. धन्यवाद.. 

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राजू श्रीवास्तव
तो अईस चलि रहा है मार्किट मा.. पर दोस्तों होली केर असली मजा तो बचपन मा आवत रहा.. एक दफा केर बात है होली से एक दिन पहिले हमरे मोहल्ले मा नुक्कड़ के शुक्ला जी चिल्लावत रहैं.. बताइये साहब, हद हुई गे भ्रष्टाचार केर .. कोऊ उनसे पूछिस कि का भवा तो बोले अरे हमार तखत गायब है.. तो उई कहिन एमा भ्रष्टाचार कहां से आय गवा तो कहे लाग हर मामले मा घूम फिर के जिम्मेदार तो भ्रष्ट नेता ही होत हैं .. खैर अगले दिन शाम का होलिका दहन मा आपन तखत जलता देख के शुक्ला जी चिल्लावे लगे अरे ई तो हमरा तखत लाग रहा.. दोस्तों अब आपका ई बतावे केर जरूरत नाही है कि उनका तखत को पार किहिस रहै..।
 
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राजू श्रीवास्तव
दोस्तों होली के दिन गाय, भैंस, कुत्ता, बिल्ली सबसे जादा परेसान होत हैं.. कि उनकी जिंदगी मा आज कौन दिन आय गवा.. उई सबै पूरा दिन चौंधियावा करत हैं.. काहे से सबसे पहिले रंग केर ट्राई उनहिन लोगों पे होत है.. जो लोगे रंग नाही खेलत हैं उनके लिए होली का दिन मतलब कर्फ्यू वाला दिन.. अउर जो लोगे रंग खेलत हैं उनका देखौ.. रंगे पुते चेहरे.. खाली आंखें अउर दांत दिखत है.. एकदम नीग्रो लोगन के जइसे..। 
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राजू श्रीवास्तव
अबकी होली के दिन रेल बाजार वाले गजोधर गाना गात भये आपन घर मा घुसे अउर आपन मेहेरिया संगै होली खेले लाग..। होली के दिन दिल खिल जावत हैं .. तो उनकी मेहेरिया बोली अरे अरे केतनी बार खेलिहौ होली.. अभीने तो खेल के गये रहेव..। गजोधर कहिन पर हम तो अभीने आय रहे हन .. तो उनकी मेहेरिया चमक के बोली हाय राम.. तो फिर ऊ को रहा?.. जौने हमसे होली खेल के अभीने अभीन गवा है?ऽ.. ई सुनि के गजोधर सन्न रहिगे.. उनकी मेहेरिया बताइस कि हमका का मालूम रहा.. ओके चेहरे पे रंग पुता रहा..
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राजू श्रीवास्तव
हम समझीं कि तुम हौ.. हमहूं खूब जम के होली खेल डारेन.. उई आठ गुझिया खाईस.. पंद्रह पापड खाईस.. अउर दूध मेवे केर ठंडाई जौने हम तोहरे खातिर बनाई रहेन.. वहू पी गवा..। अच्छा ओका छोडो.. ई बताव कि तुम कहां रहेव इत्ती देर..  गजोधर कहिन अरे हम घरै आवत रहेन तो हमका सामने वाली शर्माईन पकड़ लीन रहैं.. अब रंग पुता मुंह रहा हमार.. उई हमका शर्मा जी समझ के कालर पकड़ के घसीट लिहिन.. हम उनके हिंया दुई घंटा पापड़ बेल के आय रहे हन..
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राजू श्रीवास्तव
अईस अईस तमासा भवा अबकी होली मा.. एक ठो चंचल शेर पेश है कि रंगों में घुली लड़की क्या लाल गुलाबी है.. जो देखता है कहता है क्या माल गुलाबी है.. पिछले बरस उसने जो भिगोया था होली में.. अब तक निशानी का वो रुमाल गुलाबी है .. बुरा ना मानौ होली है !! लास्ट मा हम एक्कै बात कहे चाहित है कि हमरी बात ध्यान से सुना करौ.. काहे से हमरे घर में हमरी कोई सुनत नहीं है।
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