दोस्तों पहिले लोग सफल होत रहैं.. प्रसिद्ध होत रहैं.. मगर आजकाल वायरल होत हैं.. पहिले अगर केहू का वायरल होत रहा तो रोना पिटना मच जात रहा.. अब कोऊ वायरल होत है तो पार्टी देत है.. जेका देखौ वहे वायरल होय के चक्कर मा चकरघिन्नी बना घूमि रहा.. कौनो फेसबुक व्हाट्सअप पे ज्ञान बघारि रहा तो कोऊ टिकटोक पे मुजरा करि रहा..
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राजू श्रीवास्तव
मतलब कइसे भी वायरल हुई जांय बस.. मगर इधिर चाइना मा एक ठो वायरस उधम जोते है.. कोरोना वायरस चाइना वाले कहत हैं कि उई लोग चार पैर केर चारपाई अउर कुर्सी छोड़ के सबै चीज खाय सकत हैं.. ई लोगे कुत्ता बिल्ली सांप बिच्छू कीड़ा मकौड़ा चमगादड़ सबै तल भून के खाय जात हैं.. वहै मा से कौनो जनावर केर वायरस हुंवा फईल गवा तो हुंवा सबकी बुद्धि सिंघाड़ा हुई गे..
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राजू श्रीवास्तव
अब ई वायरस आपन देस मा भी आय गवा है.. एकी दहिसत देखौ.. कल एक लौंडा कल्यानपुर से रामादेवी वाली 2 नंबर बस मा झकरकटी से चढ़ा.. बस मा भीढ़ बहुत रही तो उई झूठमूठ मोबाइल पे जोर से बोले लाग कि अरे यार हम आज सुबह चाइना से आय हन.. ओके मुंह से चाइना से आवे की बात सुनते ही लोगे चलती बस से कूदै लाग..
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Raju Srivastav
ऐके बाद उई लौंडा बस मा लुंगी बिछाय के लेट गवा अउर मूंगफली खात भये लेटे-लेटे रामादेवी गवा.. इधिर दिल्ली मा निर्भया केस मा फांसी की सजा पाय मुजरिम आय दिन नयी पुड़िया छोड़ देत हैं.. जिस से उनकी फांसी केर तारिख आगे बढ़ जात है.. हम तो कहब मीलार्ड ई जो बार बार इन हत्यारन केर फांसी टल रही.. ई ठीक नाहि.. यही कारण रहा हैदराबाद एनकाउंटर के बाद पूरा देस जश्न मनाईस रहै..
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राजू श्रीवास्तव
अरे भैया जल्दी लटकाव उनका.. अब अउर इंतिजार नाहि होत.. एक तो दिल्ली मा चुनाव होय वाले हैं.. ओके चक्कर मा हुंवा अलगे लबडधक्का चालि रहा.. सुने हैं कि केजरीवाल एक चुनावी सभा मा बोले दिल्लीवालों हम आप लोगन के लिए पूरी दिल्ली मा वाईफाई लगवाय दिये हैं.. पर ध्यान से सुनौ..
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राजू श्रीवास्तव
चुनाव चालि रहा.. अब आप सबै जब हमका वोट दई के फिर से दिल्ली का सीएम बनइहौ तबै हम ई वाईफाई केर पासवर्ड बतइबै.. दोस्तों कल हम केशवनगर मा आपन चाचा के घरे की छत पे बइठे धुप सेंकत रहन कि गजोधर.. मनोहर अउर संकठा आय गे..
हम चाय पानी पूछेन तो संकठा कहिन रहै देव.. हम घर से लेग पीस खाय के आय रहे हन.. हम कहा बहुत खूब.. सुबह सुबह लेग पीस.. तो मनोहर हमरे कान मा बताईन कि ई संकठा आपन मेहरारू की लात खाय के आय रहे हैं.. लास्ट मा एक्कै बात कहे चाहित है.. कि हमरी बात ध्यान से सुना करौ..काहे से हमरे घर में हमरी कोई सुनत नहीं है।