लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तरफ से बंगला खाली करते समय टोटियां, टाइल्स उखाड़ने का मामला ठंडा नहीं हुआ है कि बुधवार को कानपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ. अशोक शुक्ला का बंगला भी चर्चा में आ गया। बंगला खाली करते समय वह बिजली के बोर्ड, बेसिन, टोटियां, कमोड तक उखाड़ ले गए। एक कमरे की वायरिंग भी निकाली है।
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टोटी न होने के कारण बहता पानी
- फोटो : अमर उजाला
हैलट में सुपर स्पेशियलिटी विंग निर्माण के लिए सीएमओ का बंगला टूटना है लेकिन वे खाली नहीं कर सरे। मामला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंचने पर दो दिन पहले सीएमओ ने बंगला खाली करना शुरू किया। बुधवार दोपहर बाद उन्होंने बंगला हैलट प्रशासन को हैंडओवर किया। इसके बाद मेडिकल कालेज के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर, अवर अभियंता अरविंद कुमार कर्मचारियों सहित बंगले में पहुंचे।
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कमोड गायब
- फोटो : अमर उजाला
पांच कमरों और तीन शौचालयों वाले अंग्रेजों के जमाने के इस बंगले के पहले कमरे की बिजली की वायरिंग उखड़ी थी। बिजली के तीनों बोर्ड, पंखे, एसी गायब थे। इसी तरह अन्य कमरों से भी बिजली के बोर्ड, दो शौचालयों से कमोड, नलों से टोटियां गायब थीं। एक शौचालय में कमोड लगा था, पर उसका फ्लश नहीं था। किचन में बेसिन और दो टोटियां उखड़ी थीं, तीसरी टोटी लगी थी।
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टोटी गायब
- फोटो : अमर उजाला
25 साल पहले सीएमओ को एलाट हुआ था बंगला
मेडिकल कालेज के एक अधिकारी के अनुसार हैलट अस्पताल परिसर में जीटी रोड की तरफ स्थित बंगला नंबर छह, 25 साल पहले हैलट के कैजुअलिटी मेडिकल आफीसर को एलाट हुआ था। इसी पद पर रहते हुए वे प्रोन्नत होकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) बन गए थे, पर वे उसी बंगले में रहते रहे। उनके तबादले के बाद दूसरे सीएमओ आए तो वह भी उसी में रहने लगे। यह क्रम अभी तक जारी है। मेडिकल कालेज के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रशेखर ने बताया कि यह बंगला कभी भी मुख्य चिकित्साधिकारी की आवंटित ही नहीं हुआ था, पर कभी खाली भी नहीं कराया गया। बंगले का बिजली का बिल भी हैलट प्रशासन ही देता रहा है।
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बोर्ड गायब
- फोटो : अमर उजाला
सीएमओ बंगला खाली करते समय नलों की टोटियां, कमोड, केबिल बाक्स, एक कमरे का केबिल तक उखाड़ ले गए हैं। कब्जा मिलने के बाद जब वे बंगले में गए तो एक पाइप से तेज धार से पानी भी बह रहा था। 28 जुलाई को इसकी सूचना मेडिकल कालेज प्राचार्य, हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक को दी जाएगी।
डॉ. चंद्रशेखर, नोडल अधिकारी, सुपर स्पेशियलिटी विंग, मेडिकल कालेज
बंगले में जो सामान पहले से लगा था, वह छोड़ा है। स्वास्थ्य विभाग ने इसमें जो सामान लगाया था, उसे ही निकाला है। रजिस्टर में सारे सामान को दर्ज किया गया है। सारा सामान मेडिकल कालेज प्रशासन की तरफ से उपलब्ध कराए गए बीएच-3 हॉस्टल के स्टोर रूम में रखाया है। सबमर्सिबल लगा रह गया है, जिसे बाद में निकलवाया जाएगा।
डॉ. अशोक शुक्ला, सीएमओ