चित्रकूट में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति की वैदिक परंपरा वाली शिक्षा यदि विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पहले दी जाती तो वह आज अराजकता के अड्डे न बन पाते। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू कराने के लिए सभी संत चिंतित थे। भाजपा की सरकार में उनकी इच्छा पूरी हो गई। चित्रकूट की भूमि गौरवशाली है। इस भूमि में आने की बार-बार इच्छा होती है।
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सीएम योगी ने बिना नाम लिए कईयों पर साधा निशाना
- फोटो : अमर उजाला
मुख्यमंत्री ने शिक्षा के मंदिर में इशारों पर वर्ग विशेष की राजनीति करने वालों पर कई बार कटाक्ष किया। यहां तक कि प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों की शिक्षा प्रणाली को बदलने पर भी जोर दिया।
धर्मनगरी के जगद्गुरू रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह मेें सोमवार को मौसम की खराबी के चलते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम निरस्त हो गया। कार्यक्रम में ज्यादा समय लगने व मौसम बिगड़ने की संभावना पर मुख्यमंत्री ने भी कामदनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन का कार्यक्रम स्थगित कर दिया।
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डिग्री प्रदान करते सीएम योगी
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दीक्षांत समारोह में उपाधि वितरण के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत देश के गुरुकुल में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ ही सत्य व धर्म मार्ग में चलने,देश के विकास के लिए कार्य करने की शिक्षा दी जाती रही है। वह चित्रकूट के दिव्यांग विश्वविद्यालय में देखने को मिल रही है। कहा निश्चित रूप से यदि यही शिक्षा देश के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में पहले दी जाती रही हो तो जो आज अराजकता फैलाई जाती है वह नहीं फैलाई जाती।
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सीएम योगी ने विरोधियों पर बोला हमला
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उन्होंने कहा लोग अपने व अपने परिवार के ही बारे में अधिकतर सोचते रहते है जबकि संत महात्माओं की एक ही इच्छा रहती थी कि राम मंदिर कब बनेगा। जगद् गुरु रामभद्राचार्य भी कई बार उनसे यही सवाल करते रहे है। यह इच्छा उनकी पूरी हो गई है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों ने आज से ही नहीं कई वर्ष से कार्य किया है। जिसमेें दिव्यांग ऋषि भी थे। आधुनिक युग में दिव्यांग वैज्ञानिक हांकिन्स ने आकाश के रहस्यों को उजागर करने का कार्य किया हैं। चित्रकूट में भी जगद्गुरू दिव्यांग होते हुए एक महान कार्य कर रहे हैं।
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सीएम योगी एवं जगद्गुरू रामभद्राचार्य
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उन्होंने कहा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्यांगों को रोजगार देने, उपकरण देने का कार्य कर रहे है। प्रदेश सरकार के दिव्यांजन विभाग से भी कई योजनाएं दिव्यांगोें के लिए चलती हैं। अब जगद्गुरू दिव्यांग विश्वविद्यालय को भी इसी विभाग से हर साल सहायता दी जाएगी। मुुख्यमंत्री ने कहा कि भारत देश के गुरुकुल की परंपरा शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने की रही है। यह कार्य चित्रकूट के जगद् गुरू दिव्यांग विश्वविद्यालय में देखने को मिली। संत लोककल्याण के लिए कार्य करते हैं।
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जगद्गुरू रामभद्राचार्य को सम्मानित करते सीएम योगी
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उपेक्षित समाज को उठाने का कार्य करते हैं। नर को नारायण बनाने का कार्य करते हैं। मुख्यमंत्री ने जगद्गुरू रामभद्राचार्य को प्रदेश के हिंदी साहित्य के माध्यम से हिंदी साहित्यकार के पुरस्कार से सम्मानित किया। कहा कि मौसम खराब होने से देश गृहमंत्री अमित शाह नहीं आ सके। जिनके निर्देश पर वह इस दिव्यांग विश्वविद्यालय में आए हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए दिव्यांग विश्वविद्यालय के अजीवन कुलपित जगद्गुरू रामभद्राचार्य ने कहा कि इस विश्वविद्यालय के लिए उन्होंने कथा मिली 500 करोड़ की धनराशि लगा दी है।
सीएम योगी एवं जगद्गुरू रामभद्राचार्य
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अगले वर्ष से इसी विश्वविद्यालय में दिव्यांगों के लिए मेडिकल की शिक्षा देने बात कहीं। इसके साथ लॉ की डिग्री देने की बात कही हैं। विशिष्ट अतिथि मंडलेश्वर शरणानंद ने कहा कि प्राचीन समय में शिक्षा का महत्व छात्र-छात्राओं को संस्कारित बना था। शिक्षा सीखने वालों को अच्छे कार्य करना चाहिए। सभा में विशिष्ठ अतिथि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वंतदेव सिंह, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डा महेंद्र सिंह, अनिल राजभर, नंदगोपाल नंदी,राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह, चंद्रिका उपाध्याय, रामचंद्र दास महराज सहित कुलपति प्रो योगश दुबे आदि मौजूद रहे।