मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कानपुर में गंगा सबसे ज्यादा प्रदूषित हैं। अगर यहां गंगा निर्मल नहीं हुईं तो 2019 में प्रयागराज (इलाहाबाद) में लगने वाले कुंभ में हम चाहकर भी गंगा को स्वच्छ नहीं रख सकते। मुख्यमंत्री ने चमड़ा उद्योग वालों से कहा कि वह तकनीक की मदद से जीरो लिक्चिड डिस्चार्ज की प्रक्रिया शुरू करें ताकि गंगा को निर्मल रखा जा सके।
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सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री ने आईआईटी कानपुर के उन पूर्व छात्रों पर भी निशाना साधा जो मौजूदा समय में शासन में अधिकारी हैं। बोले, जब मैंने सत्ता संभाली तो उस वक्त केंद्र की किसी भी योजना में प्रदेश के शहरों की भूमिका शून्य थी। स्मार्ट सिटी जैसे योजना में हमारे शहरों का चयन नहीं होता था। मैंने केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए उच्चाधिकारियों के साथ बैठक की लेकिन मुझे पता लगा कि अधिकारियों के पास कोई प्लान ही नहीं है। यह हालत तब है जब शासन के ज्यादातर अधिकारी आईआईटी कानपुर से पढ़े लिखे हैं। मुख्यमंत्री ने इस दौरान आईएएस सौरभ चंद्रा, प्रमुख सचिव, पर्यटन अवनीश अवस्थी का नाम भी लिया।
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फरवरी के बाद कानपुर-बुंदेलखंड में रहेगी पानी की समस्या
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मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें चिंता है कि फरवरी के बाद कानपुर और बुंदेलखंड में पानी की गंभीर समस्या होगी। कहा कि यूपी से सटे नेपाल में खूब बारिश होती है लेकिन यहां बादल आकर चले जाते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए वह कृत्रिम बारिश कराना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों से बातचीत भी की है।
श्रीराम का अनुसरण करें आईआईटीयंस
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को धार्मिक पुस्तकें पढ़नी चाहिए। इससे ज्ञान की वृद्घि होती है। उन्होंने आईआईटीयंस को श्रीराम का अनुसरण करने के लिए कहा। बोले, श्रीराम ने जब रावण पर विजय हासिल की थी तो लक्ष्मण ने उन्हें लंका पर राज करने का प्रस्ताव दिया था लेकिन श्रीराम ने अपनी जन्मभूमि को छोड़कर कहीं और राज करने से मना कर दिया था। योगी आदित्यनाथ ने आईआईटीयंस से कहा कि आप लोग पढ़ते यहां हो लेकिन अपने कदम पहाड़ों की तरफ कर लेते हो। ऐसी स्थिति में आप लोग श्रीराम की बातों को याद रखिएगा।
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ये भी बोले मुख्यमंत्री
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- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर हमारे पास कोई व्यवस्था नहीं है। आईआईटी को इसके लिए मदद करनी चाहिए।
- उत्तर प्रदेश में एमएसएमई की स्थिति अन्य प्रदेशों की अपेक्षा काफी बेहतर थी लेकिन पिछली सरकारों ने छोटे और लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन नहीं दिया। सभी निराश थे।
- अधिकारियों के पास एमएसएमई विकास को लेकर कोई कार्ययोजना नहीं थी। अब उसमें सुधार किया जा रहा है।
- 70 साल में किसी ने क्यों नहीं सोचा कि स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया, मेक इन इंडिया जैसी चीजें जरूरी हैं।
- हम प्रदेश के सभी युवाओं को सरकारी नौकरी नहीं दे सकते।
- युवा पढ़ाई करने के बाद नौकरियों के पीछे न भागें।
- हमने यूपी दिवस मनाया प्रदेश के विकास के लिए। यह उत्सव नाच और गानों का नहीं था।
- मेरे कपड़े देखकर लोग मुझे श्रीराम के बारे में पूछते हैं।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के परिवार पर बिना नाम लिए निशाना साधा। बोले, यहां आज तक लोग यही सोचते थे कि अगर उन्हें कोई पद मिल गया तो उनके परिवार के दूसरे सदस्य को भी कोई न कोई पद मिल जाए। परिवारवाद मानव स्वभाव की कमजोरी है।