आसाराम बापू को दुष्कर्म मामले में बुधवार को अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने पर धर्मनगरी के साधू संतों ने कहा कि अपराधी कोई भी हो उनको सजा मिलनी चाहिए। आसाराम कोई साधु संत नहीं, उनको अपने किये की सही सजा मिली है। कानून सबके लिए बराबर है। मासूम बच्चियों के साथ घिनौना काम और समाज विरोधी काम तो कभी आम जनमानस को भी शोभा नहीं देते हैं। ऐसे लोगों को सजा अधिक से अधिक होनी चाहिए। जानिए किसने क्या कहा..?
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जानकीमहल के महंत सीताशरण महराज ने कही ये बात
जानकी महल के महंत सीताशरण महराज ने कहा कि कानून सबसे के लिए बराबर है। चाहे वह छोटा हो या बड़ा। जो जैसा कर्म करेगा उसे वैसा ही फल मिलेगा यह आदिकाल से होता चला आ रहा है। आसाराम बापू ने जो किया उसकी सजा उसे मिल रही है।
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संतोषी अखाड़ा के महंत रामजीदास
संतोषी अखाड़ा के महंत रामजी दास ने कहा कि आशाराम कोई गुरू नहीं है। अपराध सिद्ध होने से पहले ही साधू संतों ने उनका बहिष्कार कर दिया था। उसे सही सजा मिली है।
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पंजाबी भगवान आश्रम के संत रामकुमार नागा
धर्मनगरी के पंजाबी भगवान आश्रम के रामकुमार नागा ने कहा कि आसाराम बापू कोउनकी करनी का फल मिला है। समाज विरोधी काम करने वाला अपराधी कोई भी हो उनको सजा मिलनी चाहिए।