उन्नाव के अचलगंज में दो दिन पहले खरीदकर लाई गई लाइसेंसी पिस्टल से हर्ष फायरिंग के दौरान मंदिर के बाहर प्रसाद ले रहे बालक के सिर में गोली लग गई। उसकी घटनास्थल पर मौत हो गई। हत्यारोपी शव को लेकर उसके घर पहुंचा। पुलिस ने आरोपी को पिस्टल सहित गिरफ्तार कर लिया। बालक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।
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घटना के बाद मौके पर जांच करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
अचलगंज थानाक्षेत्र के अमरसस गांव निवासी नितिन जायसवाल आढ़त का काम करते हैं। कुछ दिन पहले ही उनका शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत हुआ था। दो दिन पहले नितिन पिस्टल खरीदकर लाया था। शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे गांव के ही कालिका देवी मंदिर में शस्त्र पूजन के बाद नितिन मंदिर से बाहर निकला और फायर करने लगा। इसी दौरान एक गोली पास में ही प्रसाद ले रहे गांव के देवीप्रसाद रैदास के बेटे रंजीत (12) के सिर में पीछे की तरफ से लग गई।
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बच्चे का शव देख एक पल के लिए पुलिस भी हो गई स्तब्ध
- फोटो : अमर उजाला
रंजीत वहीं गिर पड़ा और जब तक लोग कुछ समझ पाते उसकी मौत हो गई। नितिन रंजीत का शव लेकर उसके घर पहुंचा और उसके घरवालों को घटना की जानकारी दी। बेटे का शव देख देवीप्रसाद बेहोश होकर गिर गया। बुजुर्ग दादी लक्ष्मी का भी बुराहाल हो गया। घटना की सूचना पर बीघापुर सीओ पवन कुमार और अचलगंज एसओ डीपी सिंह मौके पर पहुंचे। शुरुआती जांच के बाद आरोपी नितिन को पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया। एसओ ने बताया कि हर्ष फायरिंग और लापरवाही पूर्ण तरीके से शस्त्र लाइसेंस रखने के कारण आरोपी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी की जाएगी।
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बच्चे के गोली लगने की खबर सुनकर घर में कोहराम मच गया
- फोटो : अमर उजाला
चाचा-भतीजा साथ लाए थे शस्त्र
नितिन जायसवाल के साथ ही उसके ग्राम प्रधान चाचा महेश जायसवाल ने भी रिवाल्वर का लाइसेंस स्वीकृत कराया है। चाचा और भतीजा एक साथ शस्त्र खरीदकर लाए थे। शुक्रवार को दोनों ने सुबह मंदिर में एक साथ अपने शस्त्र की पूजा की थी। चाचा पूजा के बाद प्रसाद वितरण करने लगे और नितिन फायर करने लगा। ग्रामीणों के अनुसार लापरवाही से शस्त्र चलाने से यह हादसा हुआ।
बच्चे को गोली लगने के बाद बदहवास बैठा पिता
- फोटो : अमर उजाला
मां की मौत के बाद पिता ने किया था पालन पोषण
रंजीत तीन भाई-बहनों में छोटा था। वह गांव के ही प्राइमरी स्कूल में कक्षा 4 का छात्र था। चार साल पहले मां की मौत के बाद पिता ने ही पालन पोषण किया था। बेटे की मौत से पिता बेहोश हो रहा था। वहीं अन्य भाई-बहन भी रो रोकर बेहाल हैं। पिस्टल से फायर होने के बाद आरोपी नितिन ने घटनास्थल पर पड़ा खून धोने का प्रयास किया, लेकिन वहां पहले से लोगों के खड़े होने से वह अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाया और शव लेकर मृतक के दरवाजे चला गया।