विधायक प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई का शिकंजा दिनों दिन कसता जा रहा है। शुक्रवार को आरोपी विधायक और सहआरोपी महिला की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पेशी कराने के बाद सीबीआई आईजी जीके गोस्वामी के नेतृत्व में छह सदस्यीय टीम किशोरी व उसके परिवार को लेकर उनके गांव पहुंची।
करीब दो घंटे तक किशोरी के घर से लेकर विधायक और सह आरोपी के घर तक विभिन्न बिंदुओं पर जांच करने के बाद शाम चार बजे परिवार को नहर निरीक्षण भवन पहुंचाने के बाद टीम लखनऊ गई।
शनिवार को सीबीआई आईजी जीके गोस्वामी के नेतृत्व में आठ सदस्यीय टीम सिंचाई विभाग के गेस्ट हाउस पहुंची। सीबीआई के साथ दिल्ली से आए फोरेंसिक टीम के भी पांच सदस्य थे। करीब दो बजे टीम किशोरी, उसकी मां, दादी, चाचा, चाची व सभी भाई-बहनों को साथ लेकर गांव में उनके घर पहुंची। परिवार को घर पर रोकने के बाद किशोरी को साथ लेकर पैदल ही टीम उस स्थान पर पहुंची, जहां किशोरी के पिता को पीटने की बात कही जा रही है।
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नहर निरीक्षण भवन में खड़ी सीबीआई की फोरेंसिक टीम
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद विधायक के घर में पश्चिम दिशा में लगे छोटे गेट से टीम सदस्य अंदर दाखिल हुए। करीब बीस मिनट तक जांच कर किशोरी को उसके घर पहुंचा दिया गया। टीम दस मिनट बाद किशोरी और उसके चाचा को साथ लेकर दो सौ मीटर दूरी पर स्थित पाक्सो एक्ट के मुकदमे में सहआरोपी शशि सिंह के घर पहुंची।
शशि सिंह के घर के आसपास मौका मुआयना करने और रास्ते से निकल रहे ग्रामीणों से बात करने के बाद टीम दोबारा विधायक के घर पहुंची। टीम पूरब दिशा वाले बड़े गेट से घर में दाखिल हुई। घर में करीब चालीस मिनट रुकने के बाद टीम फिर किशोरी के घर पहुंची।
सभी को वाहन में बैठाकर सीबीआई टीम उन्नाव नहर निरीक्षण भवन (जहां किशोरी व उसका परिवार रह रहा है) पहुंची। परिवार को सुरक्षित पहुंचाने के बाद सीबीआई टीम वहां से निकल गई।
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किशोरी व उसके परिवार के लोगों को वाहन में बैठाकर गांव लेकर जाती सीबीआई
- फोटो : अमर उजाला
एसीजेएम तृतीय न्यायालय में पत्रावालियों का अवलोकन
सीबीआई के कुछ अधिकारियों ने एसीजेएम तृतीय के न्यायालय पहुंचकर 156(3) से संबंधित पत्रावलियों का अवलोकन कर नकल ली। सीबीआई के वकील विनीत कुमार भी साथ मौजूद रहे। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने किशोरी के पिता (अब मृतक) पर दर्ज मुकदमों, गैंगस्टर व अन्य मुकदमों की जानकारी ली।
न्यायाधीश ने मंजूर की 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा
आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर व सहआरोपी शशि सिंह 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल में रहेंगे। शनिवार को न्यायालय परिसर स्थित वीडियों कांफ्रेंसिंग कक्ष में विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट, सीबीआई के अधिवक्ता विनीत कुमार और विशेष लोक अभियोजक पाक्सो चंद्रिका प्रसाद बाजपेयी की मौजूदगी में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए विधायक के जेल में होने की तस्दीक के बाद न्यायाधीश ने सीबीआई के वकील के प्रार्थना पत्र पर विधायक और सहआरोपी की 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ा दी। न्यायाधीश ने सीबीआई से जल्द से जल्द आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित करने के लिए कहा।
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कुलदीप सिंह सेंगर
किशोरी को दूसरी बार विधायक के घर ले गई सीबीआई
चौदह दिनों से विधायक प्रकरण की जांच कर रही सीबीआई शनिवार को दूसरी बार किशोरी को उसके गांव और विधायक के घर लेकर गई। इससे पहले 17 अप्रैल को सीबीआई टीम ने किशोरी से शशि सिंह के साथ विधायक के घर जाने के रास्ते, विधायक का कमरा आदि की तस्दीक कराई थी। ठीक दस दिन बाद फिर टीम किशोरी को लेकर विधायक के घर पहुंची।
केसरिया कुर्ता पहने विधायक के चेहरे पर तनाव
वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान विधायक के चेहरे पर तनाव साफ दिखा। जैसे ही न्यायाधीश ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक को सामने लाने का आदेश दिया। गहरे केसरिया रंग का कुर्ता पहने विधायक कैमरे के सामने आए। उन्होंने दोनों हाथ जोड़कर नमस्कार किया। इस दौरान उनके चेहरे पर तनाव साफ झलक रहा था।
दूसरे दिन भी मायूस लौटे समर्थक
विधायक के उन्नाव जेल पहुंचने के बाद शनिवार को भी उनसे मिलने के लिए काफी संख्या में समर्थक सुबह ही जेल पहुंच गए। यह पर्ची काउंटर पर आवेदन करने पहुंचे। इन्हें बताया गया कि शनिवार को जेल में किसी भी बंदी या कैदी से मुलाकात नहीं कराई जाती है। इस पर सभी लौट गए। जेल अधिकारियों ने रविवार को मुलाकात कराने की बात कही।
जेल में रातभर करवटें बदलते रहे विधायक
विधायक कुलदीप सेंगर की उन्नाव जेल में पहली रात काफी परेशानी में बीती। जेल अधिकारियों ने उन्हें नया बिस्तर मुहैया कराया। इस हाई सिक्योरिटी बैरक में जिले और गैर जिले के कई और बंदी भी हैं। पहली रात को विधायक काफी देर तक इधर-उधर टहलते या बैठे रहे। बीच-बीच में लेटते भी लेकिन नींद न आने पर फिर बैठ जाते। आधी रात के बाद वह कुछ देर के लिए सोए। सुबह उठते ही उन्होंने अपनी आदत के अनुसार अखबार पढ़े लेकिन कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। विधायक ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस जेल में उनकी चिट्ठी पर लोगों की मुलाकात और मशक्कत कट जाती है, उसी जेल में उन्हें बंदी बनकर रहना पड़ेगा।