उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार दुर्घटना के मामले में सीबीआई ने एक बार फिर ट्रक मालिक को रविवार को लखनऊ बुलाया है। इस दौरान ट्रक मालिक से लंबी पूछताछ की जा सकती है। उसे रविवार को सुबह साढ़े नौ बजे तक सीबीआई दफ्तर पहुंचना है। फतेहपुर के पाल नगर निवासी देवेंद्र किशोर पाल उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की कार दुर्घटना के मामले का आरोपी हैं।
विज्ञापन
2 of 5
मोड़ते समय ट्रक से टकराई थी कार
- फोटो : अमर उजाला
वह प्रसपा के जिला महासचिव और पूर्व ब्लाक प्रमुख के पति नंद किशोर पाल उर्फ नंदू पाल का सगा भाई है। हादसे के दिन 29 जुलाई को जानकारी लेने ट्रक मालिक देवेंद्र किशोर पाल रायबरेली के गुरबख्सगंज थाने पहुंचा था। वहां इस मामले में उसे बैठा लिया गया था। एसटीएफ व जिला प्रशासन की पूछताछ के बाद सीबीआई ने 31 जुलाई को पूछताछ की थी।
विज्ञापन
3 of 5
ट्रक से टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए थे
- फोटो : अमर उजाला
उसके बाद एक अगस्त को छोड़ा गया था। करीब चार दिन तक पुलिस व सीबीआई की पूछताछ के दौर से गुजरने के बाद ट्रक मालिक देवेंद्र किशोर पाल शुक्रवार की देर शाम को घर लौटा था। शनिवार की दोपहर सीबीआई कार्यालय हजरतगंज से फोन आया कि उन्हें रविवार सुबह साढ़े नौ बजे सीबीआई कार्यालय पहुंचना है। उधर, सीबीआई को ट्रक चालक आशीष पाल, खलासी मोहन श्रीवास का रिमांड मिला है। उन दोनों को भी सीबीआई रिमांड लेकर कार्यालय जाएगी।
4 of 5
ट्रक से टक्कर के बाद कार के उड़े परखच्चे
- फोटो : अमर उजाला
मालिक, चालक, खलासी तीनों आमने सामने होंगे। उन तीनों से अलग-अलग भी बयान दर्ज किए जाएंगे। संदेह के हालातों को सीबीआई लंबी पूछताछ भी कर सकती है। ट्रक मालिक देवेंद्र ने बताया कि पुलिस व सीबीआई जांच का वह शुरू से सहयोग कर रहे हैं। फोन पर सूचना आई है। वह सीबीआई के सामने पेश होने की तैयारी कर रहे हैं।
सड़क हादसे में उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता का चाची और मौसी की मौत हो गई थी
- फोटो : अमर उजाला
ट्रक मालिक को उलझाएगी नंबर प्लेट की पुताई
ट्रक मालिक देवेंद्र किशोर पाल को ट्रक का नंबर प्लेट ग्रीस से पुता होना उलझा सकता है। फाइनेंसर से ट्रक बचाने के लिए ट्रक मालिक ने नंबर प्लेट को छिपाना बताया है। ट्रक मालिक को 11 जुलाई को फाइनेंस कंपनी के लीगल एडवाइजर की ओर से नोटिस जारी हुई थी। उनकी चेक बाउंस हुई। चार किस्तें लेट चल रही थीं। सात दिन के अंदर रकम जमा करने की नोटिस है। ट्रक मालिक ने बताया कि चार किस्त में दो किस्त हाल में जमा किया है।