दुष्कर्म आरोपी भाजपा विधायक पर सीबीआई का शिकंजा कसते ही उनके ‘करीबी’ दहशत में आ गए हैं। विधायक के साथ ही खुद को साफ सुथरा होने का समाज में दावा ठोंक रहे करीबियों की भी मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीबीआई की ताबड़तोड़ कार्रवाई से शुक्रवार दोपहर बाद करीबी मोबाइल स्विच आफ कर भूमिगत हो गए। वहीं करीबियों के परिजन किसी भी समय अपनों की गिरफ्तारी के बारे में सोंचकर हैरान-परेशान हो रहे हैं।
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सीबीआई टीम
- फोटो : अमर उजाला
माखी थाना क्षेत्र का विधायक दुष्कर्म कांड पांचवे दिन तब और सुर्खियों में छा गया जब केस की मानीटरिंग सीबीआई के हाथ में चली गई। शुक्रवार सुबह 4.30 बजे सीबीआई एसपी राघवेंद्र वत्स ने लखनऊ में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को हिरासत में लेकर कार्रवाई तेज कर दी।
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सुबह करीब 8 बजे एसपी के नेतृत्व में 24 सदस्यीय टीम दुष्कर्म पीड़िता के पास पहुंच गई। दुष्कर्म पीड़िता व उसके चाचा से पूछताछ के करीब डेढ़ घंटे बाद टीम टुकड़ों में बंटकर साक्ष्य जुटाने निकल पड़ी। सीबीआई अधिकारियों की धरपकड़ शुरू होते ही आरोपी विधायक खेमे में सनसनी फैल गई। एसआईटी रिपोर्ट में शामिल विधायक के करीबी अरुण सिंह, विनोद मिश्रा, संतोष मिश्रा की लोकेशन ट्रेस करने में सीबीआई अधिकारी जुट गए। वहीं कार्रवाई की जद में आने की सूचना से करीबी मोबाइल बंद कर घरों से फरार हो गए।
दहशत का आलम यह रहा कि घटना का जिक्र करते ही करीबियों के पड़ोसी दरवाजे बंद कर कन्नी काट रहे थे। वहीं करीबियों के सिपहसलाकार सीबीआई कार्रवाई के बारे में पता लगाने को सक्रिय हो गए। सीबीआई एसपी के अनुसार रिपोर्ट में शामिल किसी भी व्यक्ति को बक्सा नहीं जाएगा। इसके अलावा जांच में जो भी नाम सामने आएगा उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई होगी।