यूपी के कानपुर में ठंड की वजह से रविवार को भी तीन महिलाओं सहित आठ लोगों की मौत हो गई। कार्डियोलॉजी और हैलट इमरजेंसी का मेडिसिन विभाग ऐसे मरीजों से भरा है। इन अस्पतालों में भर्ती 10 से ज्यादा अन्य मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के मरीज बढ़ते जा रहे हैं।
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बिधनू के ग्राम औंधा निवासी रामप्यारी (51) की ठंड लगने से मौत हो गई। बेटे नीरज ने बताया कि मां 6 जनवरी को रात में खाना खाने के बाद सो गई थीं। रविवार सुबह देर तक न जागने पर आवाज दी गई, पर मां ने जवाब नहीं दिया।
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कमरे में जाकर रजाई हटाकर देखा तो उनका शरीर अकड़ा हुआ था। तुरंत पास के अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, कार्डियोलॉजी में हार्ट अटैक की वजह से भर्ती दो महिलाओं सहित तीन मरीजों की मौत हो गई।
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इसी अस्पताल में ठंड की वजह से हार्ट अटैक के बाद सुबह लाए गए तीन अन्य मरीजों को ईसीजी करने के बाद मृत घोषित कर दिया। हैलट इमरजेंसी में भी ब्रेन स्ट्रोक की वजह से लाए गए मरीज की इलाज शुरू होेने से पहले ही मौत हो गई।
मेडिकल कालेज मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि ठंड में आर्टरी (नसें) सिकुड़ जाती हैं। ठंड में आमतौर पर ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। बीपी 180 से ज्यादा होने पर दिमाग की नस फट जाती है और रक्तस्राव होने लगता है, इस वजह से ब्रेन स्ट्रोक हो जाता है। इसके अलावा हार्ट से दिमाग की तरफ जाने वाली छोटी - छोटी नसों में खून का थक्का जमने से दिमाग में ब्लड नहीं पहुंच पाता। इससे भी ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है।