जालौन जिले के कालपी में जिस जावित्री को नई बस्ती के लोगों ने बचपन में देखा, उसे मंगलवार को सामने देख इलाकाई लोग कुछ देर के लिए चौंक पड़े। सीबीसीआईडी और पुलिस के घेरे में चल रही जावित्री ने कुछ लोगों को पहचाना और जब उन लोगों से जावित्री के बारे में पूछा गया तो किसी ने जवाब दिया कि यह तो राम प्रकाश और राजो की बिटिया है।
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जावित्री को लेकर नई बस्ती पहुंची सीबीसीआईडी
- फोटो : अमर उजाला
किसी ने कहा कि बहुत पुरानी बात है, कैसे कुछ कहा जा सकता है। वहीं जावित्री महिला पुलिस कर्मियों के साथ गोद में अपने बच्चे को लेकर दौड़-दौड़कर अपनी पहचान के मकान और गलियां बताती रही। उसने बताया कि मामा की लड़की भी यहीं ब्याही है।
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जावित्री को लेकर नई बस्ती पहुंची सीबीसीआईडी
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फिलहाल कोई मिला नहीं। फिर एक मकान की ओर इशारा करते हुए बताया कि यहीं पर राशन मिलता था। इस पर मोहल्ले के लोगों ने भी सहमति जताई। इससे सीबीसीआईडी के अधिकारियों की मुश्किलें कुछ हल होती नजर आईं।
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जावित्री को लेकर नई बस्ती पहुंची सीबीसीआईडी
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गंभीर मामले के डर से पीछे भी हटे लोग
जावित्री के मामले में नौ लोगों को सजा हुई थी। ऐसे में परिवार, खासतौर पर मां राजो देवी की ओर से उसे न पहचाने जाने के खौफ से भी कुछ लोग पीछे हट गए। उनकी जुबान पर जावित्री है या नहीं, आते-आते रुक सा गया। सीबीसीआईडी के अधिकारियों ने भी किसी पर जोर जबरदस्ती न करने की बात कही।
जावित्री को लेकर नई बस्ती पहुंची सीबीसीआईडी
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मायके की तरह गलियों में घूमती रही जावित्री
भले ही नई बस्ती के लोग कथित जावित्री को पहचाने या न पहचाने हों, लेकिन जावित्री के हाव भाव और उसके चलने, दौड़ने को देखकर लोगों को लगा कि वह जैसे अपने मायके में ही मौजूद हो। कभी निकासीपुरा का रास्ता पूछती तो कभी स्वयं ही अपने मामा की लड़की का घर तलाशने लगती। किसी महिला को आपा तो किसी को चाची कहकर बुलाती रही। यहां तक कि जावित्री ने स्कूल की प्रिंसिपल तक का घर बताया। छत से बातें करने वाली महिलाओं को भी पहचानने का जावित्री ने दावा किया।