ऐसा माना जाता है वक्त बीतने के साथ पति-पत्नी का रिश्ता और मजबूत होता है, लेकिन कानपुर कचहरी में पहुंचने वाले मामलों में कुछ उल्टी ही तस्वीर नजर आ रही है। घरेलू हिंसा के हर माह औसतन 100 से अधिक मुकदमे पारिवारिक कोेर्ट में दाखिल हो रहे हैं।
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डेमो पिक
इनमें से औसतन पांच ऐसे मामले होते हैं, जिसमें पति-पत्नी के बीच अलगाव की नौबत साठ साल की उम्र पार करने के बाद आ रही है। कोर्ट से घरेलू हिंसा के मामलों को प्रोबेशन दफ्तर में सुलझाने के लिए भेजा जाता है। यहां पति-पत्नी की काउंसलिंग होती है। फिलहाल कुछ बुजुर्ग दंपतियों की यहां काउंसलिंग की जा रही है। हाल में ही 62 साल की पत्नी ने 65 साल के पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया है।
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कानपुर के कलक्टरगंज में रहने वाली एक 62 साल की महिला ने अपने 65 साल के पति के खिलाफ हाल में ही पारिवारिक कोर्ट में घरेलू हिंसा का मुकदमा दर्ज कराया था। काउंसलिंग के दौरान महिला ने बताया कि बुढ़ऊ सठिया गयै हैं। अब बुढ़ापे में बहुत मारत हैं। महिला के दो लड़के और एक बिटिया है। बिटिया की शादी हो चुकी है।
खर्चा मांगने पर पति खीझने लगते हैं। बात-बात पर अब मारपीट करते हैं। पति ने काउंसलिंग में कहा कि गांव में खेती है। गल्ला तो वहीं से आ जाता है। ट्यूशन पढ़ाकर कुछ कमाई करते हैं। अब पहले की तरह काम नहीं कर सकता। मनमाना खर्च न देने पर ही कलह होती है।
कानपुर चकेरी की एक 60 साल की महिला ने 62 वर्षीय पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है कि पति बात-बात पर झगड़ते हैं। मारपीट करने लगते हैं। महिला ने काउंसलिंग के दौरान यह भी बताया कि ऐसा पहले नहीं करते थे। पिछले डेढ़ दो-साल से पति का रवैया बदल गया है। बच्चे दखल देते हैं, तो पति घर छोड़कर जाने की बात करने लगते हैं। पति ने कहा कि पत्नी अब उन पर ध्यान नहीं देती है।