कानपुर के बाबूपुरवा में हुई हिंसा में जेल भेजे गए पीएफआई के सदस्यों के खातों में उनके जेल जाने के बाद भी रकम ट्रांसफर हुई। यह रकम दूसरे प्रदेशों से भेजी गई है। एसआईटी की जांच में इसका खुलासा हुआ है। एसआईटी इन सभी खातों की छानबीन कर रही है।
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कानपुर यतीमखाना हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
हालांकि, एसआईटी की जांच काफी धीमी चल रही है। एसआईटी ने अब फरार आरोपियों की कुर्की कराने की तैयारी शुरू कर दी है। एसआईटी ने रिटायर्ड मदरसा शिक्षक सैयद अब्दुल, फैजान, उमर, वासिफ व सरवर आलम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
जांच में पता चला था कि ये सभी पीएफआई से जुड़े हुए हैं। सक्रिय सदस्य के तौर पर हिंसा भड़का रहे थे। वहीं, यह भी पता चला था कि इन लोगों ने अलग-अलग संस्थाएं बनाकर फंड भी जुटाया था। सूत्रों के मुताबिक अब पता चला है कि इन सभी केजेल भेजे जाने के बाद भी इनके खातों में पैसा आया है।
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कानपुर में हिंसा की तस्वीरें
- फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी यूपी व दक्षिण भारत के शहरों से रकम ट्रांसफर की गई हैं। हालांकि, एसआईटी ने इस बारे में कोई पुख्ता जानकारी नहीं दी है। बाबूपुरवा हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई थी और दस लोग गोली लगने से घायल हुए थे। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं दायर हुईं थीं।
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पुलिस से मृतकों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य जानकारियां प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। सोमवार को मामले के विवेचक इंस्पेक्टर राजीव सिंह और बाबूपुरवा सीओ आलोक सिंह हाईकोर्ट में अपना पक्ष रख हाईकोर्ट के समक्ष मांगी गई जानकारियां प्रस्तुत करेंगे।