दिल्ली के शाहीन बाग की तरह कानपुर में चमनगंज की सड़क जाम कर हुए प्रदर्शन की अगुवाई दो महिला छात्र नेताओं समेत चार-पांच महिलाओं ने की थी। भड़काऊ भाषण से लेकर प्रदर्शन को उकसाने में इन्हीं का हाथ रहा। प्रदर्शन में बच्चों को भी ढाल बनाया गया था। पुलिस की जांच में इसका खुलासा हुआ है। इसी आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
चमनगंज इंस्पेक्टर राज बहादुर सिंह के मुताबिक तलाक महल बजरिया निवासी हदीबा और चमनगंज निवासी अदीबा छात्र नेता हैं। प्रदर्शन में इन दोनों ने ही भड़काऊ भाषण दिए। प्रदर्शन में बराबर शामिल भी रहीं। इसके अलावा हुमेरा बासित और जरीन बेगम ने भी प्रदर्शन को संबोधित करने की कमान संभाल रखी थी।
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कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन, पुलिस अलर्ट
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ये लोग दिल्ली समेत अन्य शहरों में होने वाले प्रदर्शन के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ वहां के वीडियो भी दिखाती थीं। इंस्पेक्टर ने बताया कि प्रदर्शन के वीडियो फुटेज व फोटो जुटाए गए थे। सभी में बच्चे भी बड़ी संख्या में नजर आए। ताकि पुलिस किसी भी तरह प्रदर्शन को न खत्म करा सके।
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कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन
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इन्होंने ही लगवाए थे आजादी के नारे
पुलिस के मुताबिक महिला छात्र नेताओं ने अपने भाषणों के दौरान आजादी के जमकर नारे लगवाए थे। जब आठ तारीख की रात पुलिस वहां पहुंची थी तो भी यही युवतियां प्रदर्शन खत्म करने को तैयार नहीं हो रही थीं। पुलिस के सामने नारेबाजी जारी थी।
कानपुर में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन
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सऊदी से लेती रही जानकारी
चमनगंज इंस्पेक्टर के मुताबिक आरोपी चांद बीबी का मुख्य काम महिलाओं को इकट्ठा करना रहा है। पति रुखसार अहमद सऊदी में रहते हैं। प्रदर्शन के दौरान लगातार वे बातचीत कर आगे की रणनीति के बारे में पूछती रहती थी। चमनगंज के अलावा आसपास के क्षेत्रों से चांद बीबी ने ही महिलाएं इकट्ठा की थीं।