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सीएएः यूपी के छोटे-छोटे शहरों में कौन सुलगा रहा विरोध की चिंगारी, महिलाएं अचानक आ जाती हैं सड़कों पर

Wed, 29 Jan 2020 02:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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उरई में सीएए और एनआरसी का विरोध प्रदर्शन करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
कुछ माह पहले भड़के सीएए के हिंसक बावल को भले ही पुलिस और प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई कर दबा दिया हो लेकिन यूपी के कई छोटे जिले ऐसे भी हैं जहां अचानक मुस्लिम महिलाएं हाथों में तिरंगा लेकर प्रदर्शन करने पहुंच रही हैं। उनके साथ बच्चे भी होते हैं। पुलिस के लिए यह सिरदर्द बन गया है। कानपुर के चमनगंज में कई दिनों से महिलाओं का धरना जारी है।
 
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उरई में सीएए और एनआरसी का विरोध प्रदर्शन करती महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला
वहीं हाल ही में इटावा में कई महिलाएं विरोध प्रदर्शन करने बैठ गईं थीं। जिन्हें पुलिस को बल प्रयोग कर हटाना पड़ा था। अभी भी ऐहतियात बरती जा रही है। 26 जनवरी को हमीरपुर में भारी संख्या में मुस्लिम सीएए और एनआरसी का विरोध करने सड़कों पर उतर आईं थीं। इससे पुलिस के पसीने छूट गए थे। मंगलवार को अचानक उरई में भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में मुस्लिम वर्ग की महिलाएं सड़कों पर तिरंगा लेकर उतर आईं।

 
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गणतंत्र दिवस के मौके पर सैकड़ों की संख्या में महिलाओं ने हाथों में तिरंगा ले लगाए हमें चाहिए आजादी के नारे - फोटो : amar ujala
बजरिया में महिलाओं ने हाथों में तिरंगा झंडा लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कबाड़ी मार्केट में बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हो गई। जैसे ही इसकी भनक प्रशासन को लगी तो मौके पर पहुंची और महिलाओं को वहां से जाने को कहा तो उनकी पुलिस के साथ नोकझोंक भी हुई। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद वे घर लौट गईं।

 

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सीएए के विरोध में धरने पर बैठीं मुस्लिम महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
सीएए को लेकर मुस्लिम वर्ग में अभी भी भ्रम की स्थिति है। यही कारण है कि आए दिन मुस्लिम वर्ग के लोग आंदोलित हो जाते हैं। मंगलवार को भी सीएए के विरोध में मुस्लिम वर्ग की महिलाएं बजरिया स्थित कबाड़ी मार्केट में एकत्रित होने शुरू हो गई। भनक लगने पर सिटी मजिस्ट्रेट हरीशंकर लाल शुक्ला कई थानों की पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए।

 
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इटावा में सीएए के विरोध में धरने पर बैठीं मुस्लिम महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान महिलाओं की पुलिस के साथ हल्की फुल्की नोकझोंक भी हुई। महिला थानाध्यक्ष नीलेश कुमारी ने महिलाओं को समझाया कि यह कानून किसी को देश से निकालने का नहीं बल्कि नागरिकता देने का है। यहां रहने वालों को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

 
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दिल्ली की तर्ज पर कानपुर में भी हुआ सीएए का विरोध - फोटो : अमर उजाला
इस पर महिलाएं शांत हुई और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर वापस लौट गई। धारा 144 लागू होने के बावजूद महिलाओं के साथ विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे दो लोगों को पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर दरी बिछाने के दौरान पकड़ लिया। उन पर बिना अनुमति के प्रदर्शन करने का आरोप था। इस दौरान प्रदर्शन करनी पहुंची महिलाओं के नाम जब महिला पुलिस कर्मियों ने रजिस्टर में भी लिखे।
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