कानपुर में बाबू पुरवा में हुए हिंसा के मामले में सीओ बाबू पुरवा व थानेदार के खिलाफ इलाकाई लोगों ने शिकायत की है। साथ ही दोनों पर लापरवाही का भी आरोप है। जांच के बाद एसएसपी तय करेंगे कि दोनों पर क्या कार्रवाई होगी।
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कानपुर में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
बाबू पुरवा में पिछले जुमे 20 दिसंबर को दोपहर करीब दो बजे हजारों की भीड़ इकट्ठा हो गई थी। मौके पर सीओ बाबू पुरवा मनोज कुमार गुप्ता व इंस्पेक्टर अमित तोमर पहुंचे थे। सीओ करीब 20-25 मिनट तक लोगों को समझाने में लगे रहे, लेकिन भीड़ नहीं मानी। करीब ढाई बजे उपद्रव शुरू हो गया।
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कुछ ही देर में गाड़ियां जलाईं गईं। तकरीबन पौने तीन बजे गोलियां चलने लगीं। इसमें 13 लोग घायल हो गए थे। इलाज के दौरान तीन की मौत हो गई थी। इस घटना से क्षेत्रीय लोगों में सीओ व इंस्पेक्टर के खिलाफ आक्रोश है। जब पुलिस के आला अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से मुलाकात की, तो लोगों ने सीओ और इंस्पेक्टर की शिकायत की।
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ड्यूटी में किया फेरबदल
जुमे के दिन को सीओ और इंस्पेक्टर की ड्यूटी में फेरबदल किया गया। सीओ कर्नलगंज अजीत रजक व स्वाट टीम प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश यादव को बाबू पुरवा भेजा गया। जबकि सीओ बाबू पुरवा मनोज कुमार गुप्ता व इंस्पेक्टर अमित तोमर को शहर में तैनात किया गया।
लोगों के आक्रोश को देखते हुए सीओ व इंस्पेक्टर बाबू पुरवा की ड्यूटी में फेरबदल किया गया था। कुछ तथ्यों की जांच की जा रही है। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। - अनंत देव, एसएसपी