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हिंसा के बाद जिलों से आई फोर्स चप्पे-चप्पे पर तैनात, पुलिस के बूटों की टाप से उपद्रवियों में दहशत

Sun, 22 Dec 2019 11:26 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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चप्पे चप्पे पर तैनात रही पुलिस फोर्स - फोटो : अमर उजाला
नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में शहर में भड़की हिंसा को काबू करने के लिए रविवार को दूसरे जिलों से भी फोर्स मंगा ली गई है। उन्नाव के पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 200 दरोगाओं की भी ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील इलाकों यतीमखाना, चमनगंज, बेकनगंज, परेड चौराहा, नई सड़क पर पुलिस के साथ-साथ आईटीबीपी, एसएसबी, आरएएफ और पीएसी के जवान भी तैनात हैं।

 
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संवेदनशील इलाकों में तैनात रही पुलिस - फोटो : अमर उजाला
इन इलाकों में पूरे दिन जवान मार्च करते रहे। इलाकों में शांति-व्यवस्था कायम है। चप्पे-चप्पे पर निगाह रखी जा रही है। सीएए के विरोध में शहर में लगातार दो दिन हुई हिंसा को काबू करने के लिए झांसी, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद आदि जिलों से रविवार को यहां लगभग डेढ़ हजार सिपाही बुलवा लिए गए हैं।
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संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने किया रूट मार्च - फोटो : अमर उजाला
इनके साथ-साथ एक कंपनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), दो कंपनी आईटीबीपी, दो कंपनी आरएएफ और चार कंपनी पीएसी जवानों की भी ड्यूटी संवेदनशील इलाकों में लगाई गई है। उन्नाव स्थित पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज से 200 ट्रेनी दरोगाओं को बुलवाकर तैनात किया गया है।

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रूटमार्च करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
उपद्रव को रोकने के लिए लगाई गई स्पेशल फोर्स का नेतृत्व करने के लिए लखनऊ से आईजी दीपक रतन को यहां भेजा गया है। फोर्स को इलाकों की संवेदनशीलता के आधार पर टुकड़ियों में बांटकर तैनात किया गया। हर टुकड़ी का नेतृत्व करने के लिए एएसपी, सीओ को जिम्मा सौंपा गया है।
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संवेदनशील इलाके में तैनात आरएएफ का जवान - फोटो : अमर उजाला
सड़क पर कदमताल, गलियों में निगाहें
आगजनी और तोड़फोड़ से दहले यतीमखाना से परेड चौराहे तक के इलाके में रविवार को विशेष निगाह रखी गई। पत्थरबाजों पर शिकंजा कसने के लिए बेेकनगंज में सबसे ज्यादा फोर्स लगाई गई है। यतीमखाना के आसपास आधुनिक हाथियारों से लैस आईटीबीपी और एसएसबी के जवान दिन भर सड़क पर कदमताल करते रहे। गलियों पर भी निगाह रखी गई। परेड, यतीमखाना और आसपास के इलाकों के बाजार बंद रहे। इस वजह से सड़कों पर रोज की तरह भीड़ नहीं दिखाई दी।
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