उन्नाव के सोहरामऊ थानाक्षेत्र के कुशहरी गांव में बच्चूलाल के घर में शादी की खुशियों के बीच बहू के इंतजार में रस्में चल रही थीं। मंगलवार रात महिलाएं गीत-संगीत में मग्न थीं। तभी जयमाल के स्टेज पर दुल्हन की हत्या कर दिए जाने की सूचना पर लड़के पक्ष के परिवार में खुशियां गम में बदल गईं। बुधवार सुबह दूल्हा और बराती बिना दुल्हन के घर लौटे। सभी की आंखें नम रही।
विज्ञापन
2 of 5
डेमो
सोहरामऊ थानाक्षेत्र के कुशहरी गांव निवासी बच्चूलाल लोधी ने अपने बेटे साजन का विवाह रायबरेली जिले के बछरावां कोतवाली के गाजियापुर गांव निवासी पुत्तीलाल की बेटी आशा (22) से तीन महीने पहले तय किया था। मंगलवार शाम को बरात रायबरेली गई थी। अगवानी और द्वारचार के बाद साजन और आशा ने जयमाल की रस्में निभाईं।
विज्ञापन
3 of 5
डेमो
रात करीब 10 बजे दूल्हा और दुल्हन के परिवार के लोग फोटो खिंचवा रहे थे। इसी दौरान दुल्हन के गांव में रहने वाले बृजेंद्र कुमार ने आशा को पेट में गोली मार दी। अपने गले में सटाकर खुद को भी गोली से उड़ा दिया। आशा और बृजेंद्र के लहूलुहान होते ही बरात भगदड़ मच गई। लोगों ने दोनों को आनन-फानन बछरावां अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
4 of 5
डेमो
घटना होने से खुशियां मातम में बदल गईं। सूचना पर बछरावा कोतवाली पुलिस पहुंची और जांच की। पुलिस ने दूल्हे और उसके परिवार के लोगों से भी पूछताछ की। इधर बुधवार की सुबह दूल्हा और बराती बिना दुल्हन के ही घर लौटे। घर में मायूसी छाई रही। नाते-रिश्तेदार भी घर के लोगों को ढांढस बंधाकर चले गए। साजन ने बताया कि आशा से उसकी शादी कई महीने पहले एक रिश्तेदार ने तय कराई थी।
परिवार में तैयारियां चल रही थीं। सभी लोग खुश थे। साजन ने बताया कि इस दौरान आशा ने उससे कभी फोन पर बात भी नहीं की। साजन ने बताया कि अगर उसे इसकी जानकारी पहले हो जाती वह खुद ही शादी करने से मना कर देता। कम से दो जानें तो न जातीं। साजन ने बताया कि वह दही चौकी स्थित एक चमड़ा फैक्टरी में काम करता है। जबकि पिता खेती और दो बड़े भाई ट्रक चलाते हैं।