प्रेमी-प्रेमिका के बीच बिरादरी दीवार बनी गई। बताया जा रहा है कि दोनों एक ही स्कूल में पढ़ते थे। काफी दिनों से उनकी दोस्ती थी। साथ रहने की कसमें खाई थीं। दोनों ने एक दूसरे से शादी करने की बात अपने-अपने घरवालों को बताई थी, लेकिन दोनों के घरवाले तैयार नहीं हुए। गुरुवार को प्रेमी युगल ने फांसी लगाकर जान दे दी। उनका शव पड़ोस के सूने घर के कमरे में दुपट्टे से लटका मिला। दोनों के परिवार वाले रिश्ते के खिलाफ थे। युवती की शादी दस फरवरी को होनी थी। पुलिस ने दोनों शवों को उतारकर पोस्टमार्टम के लिये भेजा। दिल दहला देने वाली ये घटना यूपी के इटावा जिले की है।
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प्रेमी-प्रेमिका ने की आत्महत्या
- फोटो : अमर उजाला
साम्हो गांव में रहने वाला सुबोध शाक्य (19) पुत्र सदन सिंह की गांव में मेडिकल स्टोर की दुकान थी। उसका गांव के प्रदीप कुमार जाटव की बेटी सरस्वती (18) से प्रेम प्रसंग था। पुलिस के मुताबिक दोनों के मुलाकातों की जानकारी मिलते ही घरवालों ने सरस्वती पर पाबंदी लगा दी। साथ ही सरस्वती की शादी दूसरी जगह तय कर दी। दस फरवरी को सरस्वती की शादी होनी थी। इसका पता चलते ही सुबोध परेशान हो गया और गुरुवार दोपहर को गांव में चल रही भागवत को सुनने के लिए सरस्वती और सुबोध के घरवाले चले गए।
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प्रेमी-प्रेमिका ने की आत्महत्या
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उसी बीच सुबोध शाक्य ने सरस्वती को अपने दूसरे घर पर बुलाया और दोनों प्रेमी प्रेमिका ने दुपट्टे से फांसी लगाकर जान दे दी। सुबोध की दुकान को बंद देख दोनों के घरवाले मकान में चले गए। पीछे बने कमरे की ओर झांक कर देखा तो सुबोध और सरस्वती दुपट्टे के फंदे पर लटक रहे थे। सूचना पर पहुंचे साम्हो चौकी इंचार्ज विश्रनाथ मिश्रा की मौजूदगी में शव को उतारा गया। थाना प्रभारी निरीक्षक भोलू सिंह भाटी का कहना है कि मामला प्रेम प्रसंग का है। सुबोध की दुकान उसके दूसरे घर में थी। यहां वह अक्सर रुक जाता था। जहां पर उसने सरस्वती को बुलाया था और उसी मकान के पीछे के कमरे में दोनों फांसी लगाकर जान दे दी। मामले की पड़ताल की जा रही है।
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प्रेमी-प्रेमिका ने की आत्महत्या
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सरस्वती के परिजनों ने बताया कि बेटी की शादी 10 फरवरी को थाना इकदिल क्षेत्र के ग्राम इदऊआ के युवक से होना तय थी। इसके लिए उसने भी रजामंदी दी थी। उसके पिता ने बताया कि सरस्वती ने इंटर के बाद पढ़ाई नहीं की। गांव में किसी को दोनों के प्रेम प्रसंग की भनक नहीं थी। ग्रामीणों की मानें तो सुबोध गांव में ही चश्मे और मेडिकल की दुकान किए हुए था। लेकिन उसका कब अपने ही पड़ोस में रहने वाली सरस्वती से प्रेम प्रंसग हो गया। इसकी भनक दोनों के परिजनों को नहीं हो सकी थी।
प्रेमी-प्रेमिका ने की आत्महत्या
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दोनों के बीच की बिरादरी दीवार बनी गई। सुबोध और सरस्वती एक ही स्कूल में पढ़ते थे। काफी दिनों से उनकी दोस्ती थी। साथ रहने की कसमें खाई थीं। दोनों ने एक दूसरे से शादी करने की बात अपने-अपने घरवालों को बताई थी, लेकिन दोनों के घरवाले तैयार नहीं हुए। सुबोध के पिता प्राइवेट क्लीनिक चलाते हैं और सरस्वती के पिता किसान हैं। दोनों ने अपने-अपने समाज में इज्जत की दुहाई देकर प्रेमी युगल को समझाया। उसके बाद सरस्वती के पिता ने उसकी शादी दूसरी जगह तय कर दी। जानकारी मिलते ही दोनों कदम उठा लिया।