यूपी के हरदोई जिले में रेलवे गंज निवासी भगवानदास गुप्ता का सबसे छोटा बेटा अजीत (14) मोहल्ले के ही स्कूल में कक्षा आठ का छात्र था। गुरुवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे अजीत रेलवे के मालगोदाम यार्ड में साथियों के साथ गिल्ली डंडा खेल रहा था। साथियों ने बताया कि इस बीच गिल्ली मालगाड़ी की छत पर चली गई। अजीत गिल्ली उठाने मालगाड़ी की छत पर चढ़ गया।
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मालगाड़ी की छत पर पड़ा शव
- फोटो : अमर उजाला
छत पर जैसे ही खड़ा हुआ उसका सिर ऊपर से गुजरी रेलवे की एचटी लाइन से छू गया। करंट के झटके के साथ अजीत मालगाड़ी की छत पर गिर गया। इस पर लोगों ने शोर मचाया। परिजन भी मौके पर पहुंच गए। चौकी इंचार्ज के साथ आरपीएफ व जीआरपी को सूचना दी गई, लेकिन एक घंटे के इंतजार के बाद भी कोई मौके पर नहीं पहुंचा। अजीत ने तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। इससे आक्रोशित परिजनों व अन्य लोगों ने हंगामा काटा। वे डीआरएम को मौके पर बुलाए जाने व जीआरपी एवं आरपीएफ के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग पर अड़े रहे।
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चौकी प्रभारी से आक्रोशित लोगों की नोंक झोंक
- फोटो : अमर उजाला
परिजनों का आरोप था कि घटना 9.45 बजे की है। वे लोग लगभग 10 बजे पहुंच गए थे। जब वे आए तो उनका बेटा जिंदा था और छत पर तड़प रहा था। एचटी लाइन में सप्लाई बंद कराने के लिए स्टेशन पर अफसरों के चक्कर लगाते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी। हंगामा करीब सवा दो घंटे तक चला। इस बीच पुलिस और मौके पर पहुंचे अफसर भीड़ को समझाने और नियंत्रित करने के लिए परेशान रहे। सिटी मजिस्ट्रेट ने किशोर के पिता से प्रार्थनापत्र लिया और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजनों ने छत से शव उतारने दिया।
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पटरी के टुकड़े को उठाते आक्रोशित लोग
- फोटो : अमर उजाला
आरपीएफ और जीआरपी पर भीड़ ने निकाली भड़ास
प्रदर्शनकारियों ने आरपीएफ व जीआरपी के जवानों पर जमकर भड़ास निकाली। भीड़ ने पुलिस पर पथराव करने का भी प्रयास किया। लोगों का आरोप था कि जीआरपी और आरपीएफ के जवान यार्ड में खेलने वाले बच्चों से रुपये वसूलते हैं।
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ट्रैक पर कुछ यूं डाल दिया गया स्लीपर
- फोटो : अमर उजाला
ट्रैक बाधित होने की जानकारी मिलते ही अफसरों में हड़कंप मच गया। स्टेशन पर मौजूद अफसर प्रदर्शन स्थल के आस पास बने रहे। साथ ही मंडल स्तरीय अफसर भी रेल पथ व रेल यातायात विभाग के अफसरों से पल पल की जानकारी लेते रहे। करीब सवा दो घंटे के हंगामे के बाद ट्रैक क्लीयर होने पर अफसरों ने राहत की सांस ली।
अफसरों ने अप और डाउन ट्रैक पर ट्रेनों को रास्ते में ही रुकवा दिया गया। अप रूट पर पाटलीपुत्र चंडीगढ़ एक्सप्रेस को करना स्टेशन, अप रूट पर त्रिवेणी एक्सप्रेस को बालामऊ से कुछ पहले व दो रन थ्रू ट्रेनों को भी रास्ते में रोक दिया गया। इसी तरह डाउन रूट पर आ रही चंडीगढ़ सहारनपुर एक्सप्रेस आंझी स्टेशन के आगे, शाजहांपुर बालामऊ पैसेंजर को शाहाबाद से पहले व एक रनथ्रू ट्रेन को रास्ते में रोक दिया गया। ट्रैक क्लीयर होने तक ये ट्रेनें आधा से एक घंटे तक रास्ते में खड़ी रहीं।
मौके पर नगर मजिस्ट्रेट और एसडीएम सदर
- फोटो : अमर उजाला
लाइन क्लीयर होने पर इन्हें आगे के लिए रवाना किया गया। इस दौरान रेल पथ व यातायात विभाग सक्रिय हो गया। दोनों विंग से जुड़े अफसर व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शन के दौरान इसी कोशिश में लगे रहे कि ट्रैक को कोई नुकसान पहुंचे। सवा दो घंटे के प्रदर्शन के बाद जैसे ही भीड़ मौके से हटी टीम ने ट्रैक पर रखे गए स्लीपर हटाकर ट्रैक की जांच की। ट्रैक फिट मिलने पर लाइन क्लीयर की गई।
पीड़ित परिजनों ने आरपीएफ व जीआरपी पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनसे प्रार्थना पत्र लिया गया। जांच कर डीएम को पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपी जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट - वंदिता श्रीवास्तव