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कोरोना से ठीक ब्लैक फंगस ने जकड़ा: कानपुर में 50 मरीज मिले, किसी की आंख में दिक्कत तो किसी की आंख सूजी

Wed, 12 May 2021 02:25 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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कोरोना से ठीक हुए लोगों को जकड़ रहा ब्लैक फंगस - फोटो : amar ujala
कानपुर में कोरोना का इलाज कराकर घर लौटे मरीजों पर ब्लैक फंगस ने हमला बोल दिया है। इन रोगियों की नाक से खून आ रहा है और आंखों पर सूजन आ गई है। साथ ही सांस फूल रही है। कुछ की आंख की रोशनी प्रभावित हो गई है। ब्लैक फंगस के रोगी नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञों के यहां इलाज करा रहे हैं। विभिन्न विशेषज्ञों के यहां अभी तक 50 रोगी आए हैं। माना जा रहा है कि रोगियों की संख्या अधिक है। रोगी शुरुआती लक्षण को अभी समझ नहीं पा रहे हैं।
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कोरोना के बाद ब्लैक फंगस से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
ब्लैक फंगस केे हमले के शिकार ज्यादातर रोगी मधुमेह के मरीज हैं और कोरोना संक्रमित रहे हैं। कोरोना के इलाज के दौरान इन्हें हाई पॉवर एस्ट्रॉयड भी दिया गया था। उसके बाद से इन्हें नाक से दिक्कत शुरू हुई है। सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. देवेंद्र लालचंदानी ने बताया कि उनके और परिचिति विशेषज्ञों के पास अभी तक 11 रोगी आए हैं। ये कोरोना संक्रमित रहे हैं। उन्होंने बताया कि अभी ब्लैक फंगस की शुरुआत है। रोगियों का इलाज किया जा रहा है। इसी तरह आईएमए उपाध्यक्ष सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. ब्रजेंद्र शुुक्ला ने बताया कि वह अभी तक ब्लैक फंगस के आठ रोगी देख चुके हैं।

 
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कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
एक रोगी की आंख की रोशनी प्रभावित हो गई थी तो उसे नेत्ररोग विशेषज्ञ के पास भेजा गया। सभी रोगी कोरोना संक्रमित रहे। इसी तरह अन्य विशेषज्ञों के पास भी ब्लैक फंगस के रोगी आए हैं। कुल मिलाकर शहर में 50 ब्लैक फंगस के रोगी इलाज करा रहे हैं। ज्यादातर रोगियों को कोरोना निगेटिव होने के बाद परेशानी हुई है। उनके इलाज की हिस्ट्री में पाया गया कि रोगियों को एस्ट्रॉयड दिया गया था। साथ ही उनमें ब्लड शुगर बढ़ी मिली है।
 

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कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
वैसे तो आम संक्रमण, बढ़ा तो जानलेवा
ईएनटी विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो ब्लैक फंगस आम संक्रमण है। यह हवा में रहता है। बहुत से लोगों की नाक में आ जाता है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होने के बाद इसका संक्रमण बढ़ता है। नाक से लगातार बदबूदार पानी आता है। फिर खून आने लगता है। साथ ही सिरदर्द होता है। शुरुआत में ही इलाज कर लिया जाए तो जान बचाई जा सकती है।

 
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कोरोना से मचा कोहराम - फोटो : amar ujala
हैलट में एंटी फंगल दवा नुस्खे में शामिल की
हैलट केे सीनियर फिजिशियन डॉ. प्रेम सिंह ने बताया कि पिछले साल ब्लैक फंगस का हमला दिल्ली में हुआ था। तब से एहतियात के तौर पर कोविड रोगी को एंटी फंगल दवा दे दी जाती है। यह सस्ती भी है। फंगल संक्रमण शरीर में फैलने पर बहुत मुश्किल पैदा करता है। पहले दवा दे देने से रोगी सुरक्षित रहता है।
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