लोकसभा चुनाव 2019 के लिए यूपी की सीटों पर कब्जा जमाने के लिए सपा-बसपा ने गठबंधन किया है। अमित शाह सपा बसपा गठबंधन की गांठ खोलने की तैयारी में हैं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कानपुर-बुंदेलखंड की सभी 10 सीटें इस बार जीतना चाहते हैं। उनकी निगाह में कन्नौज सीट पर जीत हासिल करना प्राथमिकता है। यूपी के कानपुर में हुई समीक्षा बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने ग्रामीण क्षेत्रों की लोकसभा सीटों पर गठबंधन की स्थिति पर विशेष चौकसी बरतने की हिदायत दी।
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अखिलेश यादव-सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो)
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के अलावा लोकसभा प्रभारी जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय के साथ कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की लोकसभा सीटों की समीक्षा करने पहुंचे। इस समीक्षा बैठक में कांग्रेस को यूपी में जीत की दौड़ से बाहर रखा गया है। शाह ने कहा हमारा कांग्रेस से मुकाबला नहीं है।
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सीएम योगी ,अमित शाह फाइल फोटो
उन्होंने पांच-पांच लोकसभा सीटों के हिसाब से वहां से संयोजकों और प्रभारियों के साथ बैठक की। पहले दौर की बैठक में बुंदेलखंड की पांच लोकसभा सीटों के पदाधिकारी शामिल हुए। इसमें जालौन, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर और झांसी लोकसभा सीटें शामिल थीं।
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अमित शाह के साथ सीएम योगी (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद कानपुर, अकबरपुर, कन्नौज, फर्रुखाबाद, इटावा, हरदोई लोकसभा सीट पर चर्चा हुई। इन सभी सीटों की समीक्षा में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रत्येक लोकसभा संयोजक से सवाल किया कि इन सीटों पर गठबंधन का कितना असर है।
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अमित शाह
यदि असर है तो उसकी काट के लिए क्या किया गया है। संयोजकों की बातें सुनने के बाद शाह ने कहा कि अल्पसंख्यक वोट बैंक को लेकर अलग रणनीति से काम करना होगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में मतदाताओं को उनके घर से मतदान स्थल तक लाने के लिए एक्सपर्ट कार्यकर्ताओं को लगाना होगा।
उन्होंने पदाधिकारियों से दो तरह की रणनीति पर काम करने को कहा। पहली रणनीति है यह कि जहां-जहां गठबंधन की स्थिति मजबूत है, वहां उन्हें कमजोर कैसे किया जा सके। दूसरी रणनीति यह है कि गर्मी का सीजन है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को टी ट्वेंटी मैच के पहले पांच ओवर की तरह बैटिंग करनी होगी।