उत्तर प्रदेश की सियासत में इटावा के यादव परिवार और समाजवादी पार्टी का अपना रसूख है। हम आपको आज उस शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं जिसे उत्तर प्रदेश विरासत में मिला। छोटी उम्र में सांसद बना फिर मुख्यमंत्री की गद्दी संभाली। अचानक से समाजवादी पार्टी और परिवार में दरार आई तो यूपी का साम्राज्य भी छिन गया।
विज्ञापन
2 of 9
अखिलेश यादव व मुलायम सिंह यादव
आज उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का 46वां जन्मदिन है। हम आपको उनके राजनीतिक सफर के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अखिलेश यादव का जन्म 1 जुलाई, 1973 को इटावा के सैफई में हुआ।
विज्ञापन
3 of 9
अखिलेश यादव के साथ मुलायम सिंह यादव
विदेश में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अखिलेश ने जब यूपी की राजनीति में कदम रखा तो उनके पिता मुलायम सिंह पहले से ही एक मजबूत जमीन तैयार कर चुके थे। जहां से अखिलेश को बस अपने कदम आगे बढ़ाने थे। हुआ भी कुछ ऐसा ही।
4 of 9
अखिलेश यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव
- फोटो : अमर उजाला
अपने पिता की राजनीतिक विरासत को संभाल रहे अखिलेश यादव 27 साल की उम्र में सांसद बने और 38 साल में देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बनने का इतिहास रच दिया। सियासी माहौल में पले-बढ़े अखिलेश ने साल 2000 में कन्नौज लोकसभा उप चुनाव को जीतकर राजनीतिक पारी का आगाज किया था।
विज्ञापन
5 of 9
डिंपल यादव, अखिलेश यादव, मायावती
- फोटो : गूगल
उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी बसपा के अकबर अहमद डम्पी को करीब 58 हजार वोटों से हराया। इसके बाद अखिलेश 2004 और 2009 में लगातार इस सीट पर विजयी हुए, लेकिन 2009 में कन्नौज के अलावा फिरोजाबाद संसदीय सीट से भी जीत दर्ज की थी।
पहले विधानसभा चुनाव में हार मिलने के बाद लोकसभा चुनाव 2019 में अखिलेश ने फिर से यूपी में सत्ता हासिल करने के लिए बसपा सुप्रीमों मायावती से हाथ मिलाया लेकिन यहां भी उन्हें बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा। मायावती ने भी गठबंधन तोड़ते हुए लोकसभा चुनाव में मिली हार का ठीकरा सपा के सिर फोड़ दिया।
विज्ञापन
7 of 9
मुलायम सिंह यादव- अखिलेश यादव
- फोटो : PTI
अब अखिलेश अपने पिता की सियासी विरासत को अखिलेश लगातार खोते हुए नजर आ रहे है। विधानसभा चुनाव के दौरान यादव परिवार की कलह लोकसभा चुनाव में भी साफ नजर आई। यही वजह है कि सपा अपने इतिहास के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है। अब यूपी में उप चुनाव होने वाले हैं।
8 of 9
अखिलेश यादव
- फोटो : Twitter
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल खड़ा होता है कि क्या अखिलेश यादव अपने पिता की खोई हुई विरासत को फिर से हांसिल कर पाएंगे। सपा को 2019 के लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा और पार्टी को महज पांच सीटें मिली।
मुलायम सिंह यादव, शिवपाल यादव, अखिलेश यादव व डिंपल यादव
यही नहीं अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को कन्नौज, भाई धर्मेंद्र यादव को बदायूं और अक्षय यादव को फिरोजाबाद में हार का मुंह देखना पड़ा। इस हार ने अखिलेश यादव और उनकी पार्टी दोनों को अंदर तक हिलाकर रख दिया। दूसरी ओर, मायावती ने हार का सारा ठीकरा अखिलेश यादव और उनके वोट बैंक यादव समुदाय पर फोड़ते हुए गठबंधन भी तोड़ दिया।