विकास दुबे को पकड़ने वालों की उज्जैन पुलिस ने पहचान कर ली है। महाकाल मंदिर के एक फूल विक्रेता, दो सुरक्षाकर्मी और तीन पुलिसकर्मियों को विकास दुबे पर घोषित पांच लाख की इनामी राशि दी जाएगी। उज्जैन जोन के आईजी की कमेटी ने इन लोगों के नामों पर मुहर लगा दी है। उज्जैन पुलिस जल्द ही यूपी सरकार को इस संबंध में पत्र भेजकर इनामी राशि का दावा पेश करेगी।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
विकास दुबे और उसके गुर्गे चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात आठ पुलिस वालों की हत्या कर फरार हो गए थे। विकास की तलाश में यूपी समेत कई राज्यों की पुलिस व स्पेशल टास्क फोर्स लगी थी। उस पर इनामी राशि बढ़ते-बढ़ते पांच लाख हो गई थी। नौ जुलाई की सुबह विकास उज्जैन के महाकाल मंदिर से पकड़ लिया गया था।
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कानपुर लाए जाने के दौरान 10 जुलाई की सुबह सचेंडी में एनकाउंटर में मारा गया था। तभी से इनामी राशि पर संशय बना हुआ था। अब उज्जैन पुलिस ने फूल विक्रेता सुरेश कहार, मंदिर के सुरक्षाकर्मी राहुल शर्मा व धर्मेंद्र परमार, सिपाही विजय राठौर, जितेंद्र कुमार और परशुराम का नाम इनाम के लिए तय किया है।
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थप्पड़ मारने वाला सिपाही भी शामिल
सबसे पहले फूल विक्रेता सुरेश कहार ने विकास को पहचाना था। सुरक्षाकर्मी राहुल और धर्मेंद्र को जानकारी दी थी। इन दोनों ने पुलिस को सूचना देने के साथ विकास को दबोच लिया था। इसके बाद तीन पुलिसकर्मी उसे लेकर चौकी गए थे। जब विकास दुबे ने कहा था कि ‘मैं विकास दुबे हूं कानपुर वाला...’। तब एक सिपाही ने उसे थप्पड़ भी मारा था। उस सिपाही जितेंद्र का नाम भी इनामी राशि पाने वालों की सूची में है।
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विकास दुबे कांड
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तीन एएसपी ने तय किए छह नाम
यूपी पुलिस ने विकास को नहीं पकड़ा था। इसलिए इधर से इनामी राशि का दावा भी नहीं किया गया। उधर, उज्जैन पुलिस ने भी कोई प्रक्रिया नहीं की। इसके बाद शासन ने उज्जैन पुलिस को इस संबंध में पत्र लिखा। तब एसपी उज्जैन ने तीन एएसपी अमरेंद्र सिंह, आकाश भूरिया और रुपेश भूरिया की टीम बनाई। इन तीनों अफसरों ने मंदिर परिसर के 150 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए। उसके आधार पर छह लोगों के नाम तय किए।
दुर्दांत विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे
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दहशत में सुरेश, यूपी आने को तैयार नहीं
फूल विक्रेता सुरेश कहार का कहना है कि वो यूपी जाकर इनामी राशि नहीं लेगा। विकास के गुर्गे उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। यहीं पर इनामी राशि मिल जाएगी, तो ले लेगा। सुरेश की आर्थिक स्थित खराब है। उसका एक दिव्यांग बच्चा है। विकास दुबे के प्रकरण के बाद मालिक ने उससे दुकान भी खाली करवा ली थी। तब से वह मजदूरी कर रहा है। लॉकडाउन में पत्नी के गहने बेचकर खर्च चलाया है।