बिकरू कांड की आरोपी नाबालिग खुशी को फर्जी आईडी से सिम लेने के मामले में शनिवार को जमानत मिल गई। किशोर न्याय बोर्ड ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद फैसला सुनाया। अब मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।
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आमर दुबे और खुशी
- फोटो : अमर उजाला
बिकरू कांड में कुख्यात अमर दुबे की कथित पत्नी नाबालिग खुशी को भी पुलिस ने आरोपी बनाया है। एसआईटी की जांच के बाद खुशी पर फर्जी आईडी से सिम रखने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। खुशी के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने शनिवार को बहस के दौरान तर्क दिया कि खुशी जिस सिम का इस्तेमाल कर रही है वह छह साल पहले लिया गया था।
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मनु, विकास दुबे, खुशी दुबे
- फोटो : amar ujala
तब उसकी उम्र करीब 10 साल थी। वह मां गायत्री के नाम का सिम इस्तेमाल कर रही थी। अगर बच्चे माता पिता के नाम से सिम का इस्तेमाल करते हैं तो वह अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। बोर्ड ने इस तथ्य को जमानत का पर्याप्त आधार मानते हुए अर्जी मंजूर कर ली।
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खुशी के साथ विकास दुबे
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चौबेपुर के बिकरू गांव में दो जुलाई की रात को हुई आठ पुलिस कर्मियों की हत्या में शादी के नौ दिन बाद ही जेल भेजी गई अमर दुबे की पत्नी खुशी के खिलाफ पुलिस के पास पर्याप्त सुबूत मिले थे। पुलिस के मुताबिक क्षमा, रेखा और शांति की तरह उसे भी जेल में ही रहना पड़ेगा।
क्या है पूरा मामला
बता दें कि दो जुलाई की रात को बिकरू गांव में विकास दुबे के घर दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम पर घात लगाकर बैठे बदमाशों ने हमला कर दिया था। जिसमें सीओ देवेंद्र मिश्रा सहित आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। यूपी एसटीएफ ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए विकास दुबे सहित उसके पांच साथियों को मुठभेड़ में मार गिराया था।