कानपुर की चौबेपुर पुलिस ने फर्जी शपथ पत्र देकर असलहा लाइसेंस बनवाने और दूसरे की आईडी पर सिम इस्तेमाल करने के मामले में विकास दुबे के परिजनों और उसके गुर्गों पर दर्ज रिपोर्ट की विवेचना शुरू कर दी है। दोनों मामलों की विवेचना 15 दिन पहले ही थाने में आए दरोगाओं को दी गई है।
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विकास दुबे कांड
- फोटो : amar ujala
मामले में पुलिस सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों से आईडी की कॉपी लेगी। उसके बाद सभी के बयान दर्ज होंगे। वहीं शस्त्र मामले में प्रमाण पत्रों की सत्यापित कॉपी निकाली जाएगी। फर्जी शस्त्र लाइसेंस को लेकर दर्ज रिपोर्ट की विवेचना एसआई राजकुमार को सौंपी गई है। वहीं दूसरी आईडी पर सिम चलाने के मामले की जांच एसआई रमाशंकर करेंगे। दोनों दरोगाओं की लगभग 15 दिन पहले ही थाने में नियुक्ति हुई है और चौबेपुर में उनकी पहली पोस्टिंग है। दोनों मामलों में 18 आरोपी नामजद हैं।
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विकास दुबे कांड
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सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के कर्मचारियों के दर्ज होंगे बयान
एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि दूसरी आईडी पर सिम चलाने के मामले में सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों को लिखापढ़ी में पत्र भेजा जाएगा। उनसे आईडी की सत्यापित कॉपी ली जाएगी। साथ ही उससे जुड़े कर्मचारियों के भी बयान दर्ज होंगे।
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विकास दुबे कांड: शहीद डीएसपी देवेंद्र मिश्रा, जय बाजपेई
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शपथ पत्रों की सत्यापित कॉपी निकालेगी पुलिस
फर्जी शपथपत्र देकर असलहा लाइसेंस प्राप्त करने वाले आरोपियों के शपथपत्र की सत्यापित कॉपी निकलवाई जाएगी। फिर मूल दस्तावेजों से शपथ पत्र में दी गई जानकारी का मिलान किया जाएगा। उसी के आधार पर आरोप तय होंगे।
दोनों मामलों में पुलिस आरोपियों के बयान दर्ज करेगी। इसमें जो जेल में हैं उनके बयान जेल जाकर दर्ज किए जाएंगे। वहीं विकास दुबे की पत्नी रिचा दुबे और पिता राम कुमार को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जाएगा। थाने में दर्ज दोनों मामलों में विवेचना शुरू हो गई है। बृजेश श्रीवास्तव, एसपी ग्रामीण