शासन नहरों की सिल्ट सफाई में मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए खास पहल करने जा रहा है। नहरों की सफाई ड्रोन कैमरों की निगरानी में कराई जाएगी। इसमें मनरेगा की भी मदद ली जाएगी। प्रदेश के सिंचाई एवं सिंचाई (यांत्रिक) मंत्री ने गुरुवार को औरैया जिले में देवकली स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में यह बात कही है। उन्होंने कहा कि सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध करना सरकार की प्राथमिकता है।
विज्ञापन
2 of 5
डेमो पिक
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह सैनी ने दोपहर 12 बजे पीडब्ल्यूडी डाक बंगला में नहर विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को नहरों की सफाई पर विशेष फोकस करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के लिए नहरों का पानी जरूरी है। नहर का रोटेशन बनाकर पानी पहुंचाया जाए। जिला स्तर पर होने वाली सिंचाई बंधु की बैठकों में किसानों की समस्याओं को दूर किया जाए। ट्यूबवेल खराब होने पर उसे 48 घंटे के अंदर ठीक कराया जाए।
विज्ञापन
3 of 5
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने एसडीएम सदर अनुपम शुक्ला व सीओ सदर श्यौदान सिंह को निर्देश दिए कि संपूर्ण समाधान और थाना दिवसों में आने वाली किसानों की शिकायतों का प्राथमिकता से गुणवत्तायुक्त निस्तारण किया जाए। आने वाले समय में नहरों की सफाई का काम ड्रोन कैमरों की निगरानी में कराया जाएगा। इसकी जनप्रतिनिधि समीक्षा करेंगे। इस काम में मनरेगा का भी सहयोग लिया जाएगा। डीएम की संस्तुति के बाद ही सिल्ट सफाई का भुगतान किया जाएगा।
4 of 5
सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि भूजल तेजी से समाप्त हो रहा है। इससे वर्षा के जल को इकट्ठा करने का प्रयास करें। सिंचाई मंत्री ने समीक्षा बैठक के बाद इटावा रोड स्थित भोगनीपुर प्रखंड नहर का निरीक्षण किया।
उन्होंने नहर विभाग के अधिकारियों को नहर की क्षतिग्रस्त सर्विस रोड तथा डोला को सिल्ट सफाई के दौरान दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। जिला पंचायत अध्यक्ष दीपू सिंह ने उन्हें बताया कि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों का यहां से आवागमन होता है। सर्विस रोड के अभाव में लोग अक्सर नहर में गिरकर चुटहिल हो जाते हैं।